Bastar Naxal News: 96% नक्सल मुक्त हुआ बस्तर, जानें 400 सिक्योरिटी कैंप को लेकर क्या है सरकार का प्लान

नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ को वामपंथी उग्रवाद (LWE) को पूरी तरह खत्म करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च की समयसीमा तय की थी. अब इसमें कुछ ही दिन बचे हैं. इस मौके पर गृह राज्य मंत्री विजय शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बस्तर जिले के जगदलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. यहां पर उन्होंने इस काम को लेकर अब तक हुई प्रगति व इस क्षेत्र के भविष्य के बारे में जानकारी दी.

विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर का लगभग 96 प्रतिशत विशाल भौगोलिक क्षेत्र अब नक्सली घटनाओं और प्रभाव से मुक्त है. उन्होंने कहा कि आज बस्तर और पूरा छत्तीसगढ़ ‘लाल आतंक’ के चंगुल से बाहर है. बस्तर अब विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है.

विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के प्राकृतिक संसाधन,जल, जंगल, जमीन, स्थानीय समुदाय, विशेष रूप से युवाओं के हैं. उन्होंने कहा इनकी रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में सुरक्षा बलों ने बस्तर में सुरक्षा की कमी को दूर करने के लिए 400 पुलिस कैंप स्थापित किए हैं. इनमें ‘फॉरवर्ड बेस कैंप’ भी शामिल हैं. बस्तर में सात जिले आते हैं और यह क्षेत्रफल में केरल से भी बड़ा है. इनमें से 120 से ज्यादा कैंप पिछले दो सालों में ही बनाए गए हैं.

पुलिस कैंपों का किसमें इस्तेमाल होगा?

छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के सीमावर्ती क्षेत्रों में अब सिर्फ़ 35-40 माओवादी कैडर ही बचे हैं. इसे देखते हुए गृह राज्य मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुरक्षा में आई कमी को भरने के लिए बनाए गए 400से ज्यादा पुलिस कैंपों का इस्तेमाल अब पुलिसिंग, स्कूल, अस्पताल और दूसरी विकास जरूरतों के लिए किया जाएगा.

मौजूदा समय में ये कैंप ‘एकीकृत विकास केंद्र’ (Integrated Development Centres) के रूप में भी काम कर रहे हैं. इनके जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं.

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद-विरोधी अभियान में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO), ITBP की तकनीकी शाखा और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के ‘बम निरोधक दस्ते’ जैसी एजेंसियों से मिली तकनीकी सहायता की भूमिका काफी अहम रही है.

टॉप कमांडर पापा राव ने किया सरेंडर

माओवादियों के टॉप कमांडर पापा राव उग्रवादी आंदोलन के बचे हुए आखिरी टॉप नेताओं में से एक था. उसे अपने 17 दूसरे साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. उनके आत्मसमर्पण की घोषणा मंगलवार को की गई थी. यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की पहल पूना मार्गेम (पुनर्वास से लेकर समाज में फिर से जोड़ने तक) के तहत हुआ. रायपुर में बोलते हुए, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राव के आत्मसमर्पण को माओवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में जरूरी कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विजन के मुताबिक है.

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