MP Assembly News: मध्य प्रदेश के 22 जिलों में सिर्फ 4 शव वाहन, विधानसभा में गूंजा स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा

भोपाल: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के राजमार्ग गांव में किसी परिवार में अगर मौत हो जाए तो परिजन विलाप से पहले इस इंतजाम में जुटते हैं कि अंतिम संस्कार होगा कहां और कैसे शव को श्मशान तक ले जाया जा सकेगा. आदिवासी जिले मंडला के बमहनी बंजर में जब कोई इंतजाम नहीं हुआ तो दान में मिली वैन को जुगाड़ से शव वाहन में बदल लिया गया. विधानसभा में सरकार ने मंजूर किया है कि पूरे प्रदेश में ब्लाॉक स्तर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में अलग से कहीं भी शव वाहन का इंतजाम नहीं है.

जबकि कायदा ये कहता है कि एक से डेढ़ लाख की आबादी पर एक शव वाहन होना चाहिए, लेकिन सरकार की विधानसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक बुरहानपुर जैसे जिले में 7 लाख की आबादी पर केवल 2 शव वाहन है. जबकि राजधानी भोपाल जहां 27 लाख से ज्यादा आबादी है, वहां 6 लाख से ज्यादा आबादी के लिए केवल एक शव वाहन उपलब्ध है.

यहां अंतिम यात्रा में ट्रैक्टर ही सहारा

बीते दिनों सुर्खियों में आए नरसिंहपुर के राजमार्ग गांव की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब सहानुभूति बटोरती रही. तस्वीर जिसमें कड़ी धूप में शव को टैक्ट्रर में डालकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा है. राजस्व में दर्ज नहीं हो सकी राजमार्ग गांव में करीब 1200 की बसाहट है. श्मशान घाट नहीं और शव वाहन भी उपलब्ध नहीं. अंतिम संस्कार के लिए ये सीमा से सटे गांव लोलरी जाते हैं. ये केवल राजमार्ग नहीं आस-पास के गांव लोलरी देवरी पलोहा कटंगी यहां कहीं भी शव वाहन की उपलब्धता नहीं है.

लोलरी गांव पंचायत सचिव उमा श्रीवास्तव बताती हैं ऐसे कोई दिक्कत नहीं है. वैसे तो गांव में भी अब लोग दुखी बीमारी में जुट जाते हैं और कंधे पर ही श्मशान तक ले जाते हैं, लेकिन अगर दूरी हो तो एक दूसरे को टैक्ट्रर ट्राली देने में भी पीछे नहीं हटते. बुनियादी जरूरत के इंतजाम के लिए वाकई ये गांव सरकार की तरफ नहीं देखते.”

जुगाड़ की वैन से शव पहुंचते हैं श्मशान

मंडला के बम्हनी बंजर में कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर के भी यही हालात हैं. यहां तो आदिवासियों की बड़ी आबादी है. तो गांव वालों ने खुद ही रास्ता निकाला. यहां से कांग्रेस से विधायक रहे संजीव उइके ने कभी अपने पिता की स्मृति में वैन एंबुलेंस हेल्थ सेंटर को दान में दी थी. अब उसी वैन का इस्तेमाल गांव वाले शव वाहन के रूप में भी कर लेते हैं.

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

15 साल का इंतजार और अब ‘इंकलाब’! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा; अपनी ही जमीन के पट्टे के लिए दर-दर भटक रहे ‘जंगल के राजा’     |     सतना में जल संकट पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा ‘एक्शन’! अब टैंकरों से घर-घर पहुँचेगा पानी; मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश     |     छतरपुर की बेटियों का दिल्ली में डंका! 3 महिला सरपंचों ने बदल दी गांव की तस्वीर; अब केंद्र सरकार के सामने देंगी अपना ‘सक्सेस मॉडल’     |     Chhatarpur LPG Raid: छतरपुर में अवैध गैस भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, एक घर से 21 रसोई गैस सिलेंडर जब्त; कालाबाजारी की कोशिश नाकाम     |     Jiwaji University Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी की वरिष्ठता सूची में बड़ी लापरवाही, मृतकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम शामिल; मचा हड़कंप     |     भोपाल में फिल्मी स्टाइल में लूट! बीच सड़क प्रॉपर्टी डीलर की कार रोकी, चाकू अड़ाकर ₹55 लाख से भरा बैग ले उड़े बदमाश; इलाके में नाकाबंदी     |     गैस संकट का साइड इफेक्ट! इंदौर की शादियों में अब लकड़ी-कंडे पर बनेगा खाना; प्रशासन ने कमर्शियल सिलेंडर पर लगाई रोक, जानें नई गाइडलाइंस     |     Health System Failure: रास्ते में खराब हुई एंबुलेंस, घंटों धूप में पड़ा रहा किडनी का मरीज; सरकारी दावों की खुली पोल     |     Maihar Bus Fire: मैहर में धू-धू कर जली स्लीपर बस, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान; देखें हादसे का लाइव वीडियो और वजह     |     Crime News: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, एक्सीडेंट दिखाने के लिए शव पर रखी बाइक; 30 दिन में उजड़ा सिंदूर     |