मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग ने शाजापुर में बैठक ली, अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा इकाईयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव औचित्यपूर्ण होना चाहिये-
शाजापुर।।
जिले में जिला, जनपद पंचायतों एवं तहसील इकाईयों के पुनर्गठन के लिए औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार किया जाये। यह बात मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष श्री एस.एन. मिश्रा ने आज शाजापुर में आयोग की बैठक में कही। इस मौके पर मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला एवं सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना भी मौजूद थी।
आयोग अध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि सरकार को समय-समय पर जिलों एवं तहसीलों के पुनर्गठन के संबंध में सुझाव एवं ज्ञापन प्राप्त हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार की मंशा है कि इन सबका युक्ति-युक्तकरण कर पुनर्गठन हो, इसके लिए मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया गया है। जिला, तहसील एवं जनपद पंचायतों की सीमाओं में परिवर्तन के लिए औचित्यपूर्ण प्रस्ताव तैयार कराएं। प्रस्ताव तैयार करते समय जनसामान्य की सुविधाओं का ध्यान रखें। इकाईयों का पुनर्गठन मांग आधारित हो और सांस्कृतिक रोजगारमूलक एवं आवागमन की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्ताव होना चाहिये। उन्होंने कहा कि बदले हुए परिवेश एवं वर्तमान आवश्यकताओ के अनुरूप शासन के विभिन्न विभागों के लिए क्या-क्या आवश्यक रहेगा, का भी प्रस्ताव में समावेश करें। इकाईयों के पुनर्गठन की मंशा प्रशासनिक अमले की दक्षता संवर्धन करना है। अध्यक्ष श्री मिश्रा ने शाजापुर द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव की प्रशंसा भी की।
आयोग के सदस्य श्री शुक्ला ने मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। इस मौके पर उन्होंने आयोग की कार्य पद्धति, राज्य की प्रशासनिक इकाईयों यथा संभाग, जिला, उपखण्ड, तहसील एवं जनपद/विकासखण्ड की सीमाओं में परिवर्तन एवं युक्तियुक्तकरण की जानकारी दी। आयोग के कार्यक्षेत्र, लक्ष्य एवं शर्तों की जानकारी देते हुए बताया कि भौगोलिक परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं के आधार पर और जनोन्मुखी सुलभ प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोग को अनुशंसाए की जाना चाहिये। भविष्य में नवीन प्रशासनिक इकाईयों के गठन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुरूप अनुशंसाएं हो। प्रशासनिक इकाईयों की पद संरचना एवं उनके आकार कार्यों के अनुपात में पदों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासनिक इकाईयों की पदीय संरचना के युक्तियुक्तकरण की अनुशंसाए प्रस्ताव में शामिल करें। प्रस्ताव तैयार करने के लिए वर्तमान में कार्यरत प्रशासनिक इकाईयों को प्रश्नावली दी जायेगी। प्रश्नावली की कलेक्टर एवं अधिनस्थों से पूर्ति करवाकर समीक्षा उपरांत निष्कर्ष दिया जायेगा। जनप्रतिनिधियों द्वारा एवं कलेक्टर कार्यालय में प्राप्त होने वाले सुझावों को भी प्रस्ताव में शामिल करें। इस अवसर पर उन्होंने प्रश्नावली जिसमें भौगोलिक कारकों, प्रशासनिक सुविधा, बुनियादी सुविधाएं, आर्थिक कारक, जनसांख्यिकी कारक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कारक, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था, जनसुविधा, आबादी के घनत्व आदि के समावेश की जानकारी दी। इस मौके पर उन्होंने कलेक्टर से की जाने वाली अपेक्षाओं एवं टर्म ऑफ रिफरेंस के बारे में बताया।
आयोग के सचिव श्री सिंह ने बताया कि तैयार किये जाने वाले प्रस्ताव के फॉलोअप के लिए आयोग के सदस्य द्वारा 03 माह बाद पुन: समीक्षा की जायेगी। आयोग को भेजे गये प्रस्तावों पर व्यापक मंथन किया जायेगा।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने आयोग को अवगत कराया कि जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ चर्चा के उपरांत संशोधित प्रस्ताव तैयार कर भेजा जायेगा। इसके पूर्व अनुविभागीय अधिकारियों ने इकाईयों के पुनर्गठन के संबंध में तैयार किये गये प्रस्तावों की जानकारी दी।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री बीएस सोलंकी, जिला पंचायत सीईओ श्री संतोष टैगोर, अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर श्रीमती अर्चना कुमारी, शाजापुर सुश्री मनीषा वास्कले, गुलाना श्री सत्येन्द्र प्रसाद सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री राजकुमार हलदर व श्री आलोक वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विवेक दुबे, महिला एवं बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय त्रिपाठी, भूअभिलेख अधीक्षक सुश्री अनामिका आर्य सहित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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