उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने महापरिनिर्वाण दिवस पर बाबासाहब डॉ. अम्बेडकर को श्रद्धा सुमन किए अर्पित
एकात्मकता के भाव से परिपूर्ण आदर्श समाज और आदर्श निर्माण था बाबासाहब का संकल्प : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार
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शोषणमुक्त एवं समरसतायुक्त समाज निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक: मंत्री श्री परमार
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प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री Inder Singh Parmar ने शुक्रवार को शुजालपुर शहर स्थित अम्बेडकर पार्क में बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मंत्री श्री परमार ने सामाजिक न्याय के प्रणेता, भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न से सम्मानित बाबासाहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर सामाजिक समरसता के लिए सामाजिक सहभागिता पर अपने विचार रखे। श्री परमार ने कहा कि बाबासाहब ने समाज में समानता स्थापित करने के लिए लगातार संघर्ष किए। उन्होंने बौद्ध मत स्वीकार किया, जो भारत का ही पंथ और दर्शन है। श्री परमार ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर राष्ट्र भक्त थे, उन्होंने भारतीय समाज में समानता के लिए जीवन पर्यंत समर्पित कार्य किया। सभी जातियों के मध्य एकात्मकता का भाव जागृत करना, डॉ. अम्बेडकर का संकल्प था।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के संकल्पों के अनुरूप हमारी सरकार समरसता युक्त एवं शोषण मुक्त समाज निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है। हम सभी को अस्पृश्यता को समाप्त कर, वंचित समाज के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करना होगा। श्री परमार ने कहा कि बाबासाहब ने भारतीय समाज में समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों को स्थापित किया। आदर्श समाज और आदर्श राष्ट्र निर्माण के संकल्प में सभी की सहभागिता आवश्यक है। श्री परमार ने कहा कि बाबासाहब ने भारत की संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप बुराईयों को समाप्त करने के संकल्प को संविधान में समाविष्ट किया। भारतीय संविधान की विशेषता, बाबासाहब की दूरदर्शिता को परिलक्षित करती है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय संविधान के अनुरूप जनहितैषी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें गरीब, युवा एवं महिलाएं सभी को समान अधिकारों के साथ, उनके हितों की पूर्ति हो रही है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि भारत का संविधान, विश्व का सबसे उत्कृष्ट संविधान है। हमारा संविधान, भारत के दर्शन के अनुरूप हर व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और व्यापक परिवर्तन के लिए प्रेरणा देता है। श्री परमार ने कहा कि बाबासाहब के मार्गदर्शन में बना भारतीय संविधान, हमारे लिए केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का मूल मंत्र है। बाबासाहब के आदर्शों व सिद्धांतों को साकार करने की दिशा में हम निरंतर कार्य करते रहेंगे। हर व्यक्ति के अधिकारों और अवसरों को समान रूप से उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए हम सभी को समरसता युक्त और शोषण मुक्त समाज निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी।
इस अवसर पर श्री देवेंद्र तिवारी, श्री सुरेश मालवीय, श्री हरबान सिंह मालवीय,नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री वीरेंद्र बागरी, श्री किशोर खन्ना, श्री राहुल सोलंकी, श्री निर्मल राठौर, श्री राजेंद्र जैन, श्री गिरधारी परमार सहित नागरिकगण उपस्थित थे।
Department of Higher Education, Madhya Pradesh
Department of Ayush, Madhya Pradesh
Directorate of Technical Education, Madhya Pradesh
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