अगर अपने घर पर ही करना चाहते हैं गणेश विसर्जन तो ये है सही विधि

भगवान गणेश को हिंदू धर्म में प्रथम देव माना जाता है और उनकी आराधना की जाती है. गणेश जी के जन्मोत्सव को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है. ये 10 दिनों तक चलती है और 10वें दिन गणेश विसर्जन यानी कि अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है. इस दिन गणेश भगवान की पूजा के साथ उनका विसर्जन होता है इसके अलावा इसी दिन भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है. वैसे तो गणेश विसर्जन किसी नदी या समुद्र किनारे करते हैं जहां ज्यादा पानी हो. लेकिन अगर आपके आस-पास ऐसा कुछ नहीं है तो आप घर पर भी बप्पा की मूर्ति का विसर्जन कर सकते हैं.

कैसे करें विसर्जन?

गणपति स्थापना के 10 दिन तक बप्पा का विसर्जन होता है. लेकिन सिर्फ तीसरे, पांचवे, सातवे और दसवे दिन को ही इस प्रक्रिया के लिए शुभ माना गया है. अब 10वां दिन यानी कि अनंत चतुर्दशी का दिन ही इस कार्य के लिए बचा है. ऐसे में अगर आप घर में ही बप्पा की मूर्ति का विसर्जन करना चाहते हैं तो ये बहुत आसान है. पहले तो आपको कुछ जरूरी चीजें इकट्ठा कर लेनी होंगी. साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि बप्पा की जो मूर्ति आप विसर्जित करना चाहते हैं वो पीओपी की न हो बल्कि ईको-फ्रैंडली हो. ऐसा करने से पर्यावरण को भी किसी तरह का नुकसान नहीं होगा.

क्या है सही विधि?

पहले एक बाल्टी या टब लें और इस बात का ध्यान रखें की उसकी साइज गणपति बप्पा की मूर्ति के साइज का हो. इसके बाद बाल्टी में सही मात्रा में साफ पानी भरें. इसके बाद मूर्ति को घोलने के लिए अमोनियम कार्बोनेट टब में डालें. इसके बाद इसे धीरे-धीरे घोलते रहें. थोड़े समय के बाद जब मूर्ति पूरी तरह से घुल जाएगी तो सफेद झाग बन जाएगी जिसे आप किसी खाली मैदान पर जाकर विसर्जित कर सकते हैं.

फिटकरी वाली मूर्तियां कैसे विसर्जित करें

फिटकरी वाले गणेश जी अगर आपने अपने घर में लाए हैं तो इनका विसर्जन करने का तरीका भी काफी सिंपल है. इस मौके पर पहले गणपति जी की पूजा करें. इसके बाद एक टब में पानी लें और गणपति को इसमें विसर्जित कर दें. मूर्ति थोड़ी देर में अपने आप डिजॉल्व हो जाएगी.

विसर्जन की ये खास बातें जरूर याद रखें

गणपति बप्पा के विसर्जन के वक्त कुछ बातों का खयाल रखना बहुत जरूरी माना जाता है. हमेशा विसर्जन से पहले गणपति भगवान की पूजा करें और उन्हें उनकी मन-पसंदीदा चीजें अर्पित करें. गणपति जी के विसर्जन के दौरान शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें. भगवान से क्षमा मांगते हुए उनकी मूर्ति को किसी साफ पानी में धीरे-धीरे डालें. इसे एकदम से छोड़ना नहीं चाहिए. जब आप विसर्जन करें तो उस दौरान आप कुछ मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं. जिस श्रद्धा भाव के साथ आप बप्पा को घर लेकर आए थे उसी भाव से आप विसर्जन भी करें. अगर आप किसी तालाब में विसर्जन कर रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि तालाब या नदी का पानी एकदम साफ हो और उसका कनेक्ट किसी नाले से ना हो

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