शाजापुर
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जिले में पेयजल की समस्या पर क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी सतत निगाह रखें। फील्ड में भ्रमण के दौरान पेयजल समस्या की भी समीक्षा करें। जिन ग्रामों में पेयजल समस्या हो वहां निजी क्षेत्र के नलकूपों का भी अधिग्रहण कराएं। उक्त निर्देश कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने आज ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति की समीक्षा के दौरान दिये। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री शिवम यादव, जिला पंचायत सीईओ श्री संतोष टैगोर, डिप्टी कलेक्टर एवं सीईओ जनपद पंचायत शाजापुर श्री राजकुमार हलधर, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री विजय सिंह चौहान, आरईएस श्री मुरलीधर अहिरवार, अधीक्षण यंत्री विद्युत वितरण कंपनी श्री एसएन वर्मा, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर सुश्री नेहा गंगारे, सीईओ जनपद पंचायत शुजालपुर श्रीमती रूषाली पोरस, कालापीपल श्री राजकुमार मण्डल एवं मो. बड़ोदिया श्री अमृत राज सिसोदिया सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहायक यंत्री एवं उपयंत्री उपस्थित थे।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने जनपद पंचायतों के सीईओ एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री को भी निर्देश दिये कि वे पेयजल समस्याग्रस्त ग्रामों का भ्रमण करें और समस्या का निदान कराएं। इस मौके पर कलेक्टर ने जिले के समस्यामूलक ग्रामों की समीक्षा की।
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ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा
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कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने वर्ष 2020-21 से पूर्व के तथा वर्ष 2021-22 के बाद के कार्यों की अलग-अलग समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी सहायक यंत्रियों को निर्देश दिये कि वे लंबित कार्यों की सूची लेकर उपस्थित रहें। जल संरक्षण के प्रत्येक कार्य की हर चरण की फोटो लेकर बुकलेट बनाकर रखें। इस मौके पर केन्द्रीय भूजल आयोग द्वारा चिंहित कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि चेकडेम के स्थान पर गेबियन स्ट्रक्चर, कन्टुर ट्रेंचेस, बोल्डर चेकडेम, डगपोण्ड आदि का निर्माण करें। जहां पत्थर की सहजता से उपलब्धता है वहां जनसहयोग से बोल्डर चेकडेम बनवाएं। ग्रामीणों को बोल्डर चेकडेम के फायदे बताएं। साथ ही कलेक्टर ने कहा कि बीज एकत्रित कर कन्टुर ट्रेंचेस और तालाब की बण्ड पर डालें। बीजों का चयन इस तरह से करें कि उत्पन्न होने वाले पौधों को पशु खाए नहीं, इससे क्षेत्र में हरियाली रहेगी। कलेक्टर ने फार्मपोण्ड बनाकर उसे मछली पालन के लिए उपलब्ध कराने के लिए कहा। मछली पालन आय का अच्छा स्त्रोत है। आने वाली बैठक में कार्यों के साथ-साथ खर्च का भी ब्यौरा रखने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। इस अवसर पर गौशालाओं के निर्माण की भी कलेक्टर ने समीक्षा की।
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