शाजापुर,,
मध्य प्रदेश के गुना में बुधवार को डंपर से टक्कर के बाद यात्री बस में आग लग गई थी और हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई की इसके बाद शाजापुर में भी परिवहन विभाग का अमला केवल रस्म अदायगी के लिए सड़क पर उतरा और नाम मात्र की कार्रवाई करके वापस लौट गया। ऐसे में यहां पर सवाल उठता है कि शाजापुर जिले में कब होगा मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन। जबकि बात अगर शाजापुर जिले की करें तो यहां पर सैकड़ो वाहन नियमों की अनदेखी के साथ सीना तानकर सड़क पर चल रहे हैं जिनके पास न बीमा है ना फिटनेस है और ना ही अन्य दस्तावेज जांचने पर मिलेंगे लेकिन उन पर कार्रवाई करने की हिम्मत आखिर परिवहन विभाग कब दिखाएगा। जिले में कई स्कूलों में ऐसी कंडम बस और ऐसे कंडम छोटे टाटा मैजिक वाहन चल रहे हैं जो की अनफिट है। न बीमा, न फिटनेश, परमिट है लेकिन इन पर कार्यवाही कोई नही करता। । क्या इन्हें प्रदेश सरकार के मुखिया मोहन यादव का डर नहीं है। नियम विरुद्ध चलने वाले वाहन शाजापुर जिला मुख्यालय के साथ मक्सी, बेरछा, मोहन बड़ोदिया , सुनेरा पनवाड़ी, क्षेत्र में बड़ी संख्या में देखने मिल जाएंगे जहां पर खुले में नियमों की अवहेलना हो रही है अब देखना है कि शाजापुर जिले के परिवहन अमले को सरकार के निर्देशों की चिंता है या नहीं।।
परिवहन अम्ल की बात करें तो यहां के बाबू ही परिवहन अधिकारी की जिम्मेदारी को निभाते हैं । परिवहन विभाग में सारे काम संबंधित बाबू के निर्देशों पर होते हैं और यहां के वाहन वाले कहते हैं कि बाबूजी ने कह दिया है अब कोई दिक्कत नहीं
हालांकि गुरुवार को अमला सड़क उतरा और कुछ कार्यवाही भी लेकिन इस कार्यवाही के बाद सवाल उठने लगे कि केवल रस्म अदायगी ही होगी या ठोस कार्यवाही भी देखने को मिलेगा