बिना लाइसेंस शिकायतकर्ता का बेटा चला रहा था गाड़ी; एक्सीडेंट क्लेम नहीं मिला

चंडीगढ़: सेक्टर 19 स्थित चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग।चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने एक सड़क हादसे में गाड़ी मालिक की क्लेम की मांग इसलिए खारिज कर दी क्योंकि जांच में सामने आया कि दुर्घटना के समय उसका बेटा गाड़ी चला रहा था जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। वहीं मामले पुलिस को दर्ज करवाई डेली डायरी रजिस्टर(DDR) में शिकायतकर्ता पक्ष ने बताया था कि हादसे के समय गुरप्रीत सिंह नामक व्यक्ति गाड़ी चला रहा था। वहीं दूसरी ओर रिलायंस के सर्वेयर के सामने दिए बयानों में गुरप्रीत सिंह ने कहा था कि तरणप्रीत सिंह हादसे के समय गाड़ी चला रहा था।तरणप्रीत ने भी बयानों में खुद ड्राइविंग की बात कबूली थी। तरणप्रीत के पास हादसे के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। इसे इंश्योरेंस की नियम-शर्तों के खिलाफ बता रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने क्लेम की मांग रद्द कर दी थी।फतेहाबाद(हरियाणा) के करतार सिंह ने रिलायंस और निसान मोटर प्राइवेट लिमिटेड, इंडस्ट्रियल एरिया, फेज 1 चंडीगढ़ को पार्टी बनाया था। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसने निसान कंपनी की गाड़ी खरीदी थी और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस उसे उसकी 19 जुलाई, 2017 से 18 जुलाई, 2018 तक इंश्योरेंस करवाई थी। 17 जनवरी, 2018 को गुरप्रीत सिंह अंबाला से पटियाला की तरफ से इस गाड़ी को ड्राइव करते हुए आ रहे थे। नाभा रोड पर लक्ष्मी फार्म के सामने भारी धुंध में गाड़ी एक ट्रक में जा बजी थी। इससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसी दिन पटियाला में पुलिस पोस्ट सैंचुरी को DDR करवाई गई थी।शिकायतकर्ता ने कहा-गैरकानूनी रूप से क्लेम रद्द कियागाड़ी का क्लेम लेने के लिए रिलायंस को भेजा गया मगर 17 मार्च, 2018 को क्लेम रद्द कर दिया गया था। इंश्योरेंस कंपनी का कहना था कि हादसे के समय गुरप्रीत सिंह नहीं बल्कि तरणप्रीत सिंह गाड़ी चला रहा था जिसके पास वैध लाइसेंस नहीं था। जांच में भी यह तथ्य सामने आया था। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि गैरकानूनी जांच के आधार पर क्लेम रद्द किया गया। हादसे के दौरान गुरप्रीत सिंह ही गाड़ी चला रहा था। उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी था। ऐसे में कंज्यूमर शिकायत दर्ज करवाई गई थी।जांच में सामने आया-तरणप्रीत चला रहा था गाड़ीरिलायंस ने जवाब में कहा कि 4,43,797 रुपए की वैल्यू वाली गाड़ी की इंश्योरेंस संबंधित समयकाल में गई थी। हालांकि जांच के दौरान सामने आया कि गाड़ी गुरप्रीत सिंह नहीं तरणप्रीत सिंह चला रहा था। उसके पास घटना के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। शुभम अरोड़ा(इनवैस्टिगेटर) से रिलायंस ने घटना की जांच करवाई थी। 17 फरवरी, 2018 को उसने रिपोर्ट दी जिसमें बताया कि घटना के समय शिकायतकर्ता का बेटा तरनप्रीत सिंह गाड़ी चला रहा था। गुरप्रीत सिंह और तरणप्रीत ने अपने बयानों से साफतौर पर सामने आया था कि गाड़ी तरणप्रीत सिंह चला रहा था।इनवैस्टिगेटर ने शिकायतकर्ता, गुरप्रीत सिंह और तरनप्रीत सिंह के बयान दर्ज किए थे। नियम व शर्तों के तहत ही क्लेम रद्द किया गया था। वहीं मामले में निसान मोटर का कोई रोल नहीं था। इसलिए उसका नाम पार्टी से हटा दिया गया। वहीं शिकायतकर्ता के केस में दम न देख उसकी मांग को रद्द कर दिया गया।

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