मेट्रो हॉस्पिटल शाजापुर पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड

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शाजापुर के निजी चिकित्सालय मेट्रो हॉस्पिटल के संचालक द्वारा कोविड गाईड लाईन का पालन नही करने, आमजनता से अत्यधिक राशि वसूल कर उनका शोषण करने, उपचार कराने वालों एवं डिस्चार्ज किए गए मरीजों को बिल नहीं दिए जाने आदि के कारण कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश जैन ने मेट्रो हॉस्पिटल के संचालक पर 50 हजार रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित कर राशि तहसीलदार के माध्यम से तीन दिवस के भीतर रेडक्रास सोसायटी शाजापुर को जमा कराने के आदेश दिए है। साथ ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा जिन मरीजों को उपचार पश्चात डिस्चार्ज के पश्चात अंतिम बिल प्रदाय नहीं किया गया है, उन्हे नियमानुसार ली जाने वाली राशि अनुसार बिल प्रदाय करने, यदि मरीज से निर्धारित राशि से अधिक राशि ली गई है तो अंतर की राशि तत्काल रूप से संबंधित मरीज को वापिस करना सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए है।

विगत दिनों मेट्रो हॉस्पिटल के संबंध में 26 अप्रैल 2021 को समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार शीर्षक “मेटो हॉस्पिटल में उपचार के नाम पर मरीजों को थमाई जा रहे हजारों रुपये के बिल” के संबंध में तहसीलदार शाजापुर से जांच कराई गई थी। जांच उपरान्त प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि मेट्रो हॉस्पिटल में मरीजों से अग्रिम राशि भर्ती के दौरान ली जाने एवं उपचार पश्चात मरीज की छुट्टी करने के दौरान संपूर्ण राशि जमा कराने के पश्चात अंतिम बिल नहीं दिया गया। मेट्रो हॉस्पिटल में संधारित आई.पी.डी रजिस्टर में भर्ती एवं अन्य मरीजों की सूची में से डिस्चार्ज किये गये मरीजों के उपलब्ध मो. नंबर के माध्यम से संबंधित मरीज से दूरभाष पर चर्चा करने पर उनके द्वारा इस बात की पुष्टि भी की गई है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संचालक मेट्रो हॉस्पिटल शाजापुर को कारण बताओ सूचना जारी कर तत्काल इस कार्यालय में जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था। किन्तु उनके द्वारा अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया था।

इसी प्रकार तहसीलदार शाजापुर श्री राजाराम करजरे द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि श्री अशोक पाटीदार निवासी किलोदा तहसील गुलाना का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उक्त मरीज को 27 अप्रैल 2021 को मेट्रो हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया था। मरीज का स्वास्थ्य अत्याधिक खराब होने के कारण उसे कोरोना सस्पेक्टेड मानते हुए मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया तथा उपचार के दौरान उसकी 29 अप्रैल 2021 को मृत्यु हो गई। उक्त मरीज की मृत्यु सस्पेक्टेड होने के कारण मृतक के शव को उनके परिजन की सुपुर्दगी में दे दिया गया। मृतक अशोक के अंतिम संस्कार ग्राम किलोदा में 30 अप्रैल 2021 को उनके पुत्रों, भाई एवं पिता व अन्य परिजनों द्वारा किया गया। इस प्रकार संबंधित अस्पताल प्रबंधन द्वारा अनुचित तरीके से मृतक अशोक पाटीदार का शव उनके परिजनों को सौंपा गया एवं इस संबंध में प्रशासन को सूचना देना भी उचित नहीं समझा। इस प्रकार संचालक मेट्रो अस्पताल शाजापुर के द्वारा मृतक अशोक पाटीदार के सस्पेक्टेड कैस के संबंध में निर्धारित कोविड गाईडलाईन का पालन न करते हुए मृतक अशोक के शव को परिवार को सौंपकर उसकी सूचना प्रशासन को न देना एक गंभीर लापरवाही है। ग्राम में मृतक का अंतिम संस्कार भी एक दिन पश्चात किया गया, जिससे कोरोना संक्रमण बढ़ना संभावित था।

इस संबंध में मेट्रो हॉस्पिटल के संचालक अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे देखते हुए कलेक्टर श्री जैन ने एक पक्षीय रूप से आदेश पारित कर 50 हजार रूपए का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।
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मेट्रो हास्पिटल संचालक ने जमा कराई अर्थदण्ड की राशि
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कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश जैन द्वारा अधिरोपित किए गए अर्थदण्ड की राशि 50 हजार रूपए का चेक आज तहसीलदार शाजापुर श्री राजाराम करजरे के माध्यम से जमा करा दिया गया है।

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