वेलिंग्टन: भारत और न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीमों के बीच खेली जा रही पांच एकदिवसीय (वनडे) मैचों की रोमांचक सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले सफलतापूर्वक खेले जा चुके हैं। खास बात यह है कि ये दोनों ही मुकाबले भारतीय टीम ने अपने नाम किए हैं। इसका मतलब साफ है कि मेजबान न्यूजीलैंड की टीम को अपनी ही घरेलू सरजमीं पर लगातार दो मैच गंवाने पड़े हैं। भारतीय टीम के इस शानदार प्रदर्शन ने एक बार फिर दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और मेहमान टीम ने सीरीज में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।
जनवरी 2019 के बाद कीवी टीम को घर में मिली ऐसी हार, उस वक्त भी भारत ने ही तोड़ा था न्यूजीलैंड का विजय रथ
आंकड़ों पर गौर करें तो न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी घरेलू धरती पर आखिरी बार जनवरी 2019 में लगातार दो वनडे मैच गंवाए थे। सबसे दिलचस्प और गौर करने वाली बात यह है कि उस समय भी कीवी टीम को मात देने वाली एकमात्र टीम भारतीय क्रिकेट टीम ही थी। अब उस ऐतिहासिक हार के ठीक 93 महीने (लगभग 7 साल 9 महीने) बाद एक बार फिर से बिल्कुल वैसा ही समीकरण बनता हुआ नजर आ रहा है, जहां भारतीय टीम ने उन्हें लगातार दो मैचों में धूल चटाई है।
क्या 93 महीने पुराना इतिहास खुद को दोहराएगा? सीरीज अपने नाम करने के लिए भारत को अब सिर्फ एक जीत की दरकार
जब जनवरी 2019 में न्यूजीलैंड को अपने घर में बैक टू बैक वनडे मैचों में हार का सामना करना पड़ा था, तो उसके परिणामस्वरुप उन्हें भारत के खिलाफ पूरी वनडे सीरीज भी गंवानी पड़ी थी। अब ठीक 93 महीने बाद भी क्रिकेट गलियारों में वही पुराना सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है कि क्या शुरुआती दो मुकाबले अपने नाम कर चुकी टीम इंडिया इस बार भी वनडे सीरीज पर पूरी तरह कब्जा जमा लेगी? रिकॉर्ड बताते हैं कि जनवरी 2019 के उस दौरे के बाद से न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी घर पर कभी भी लगातार दो वनडे मैच नहीं हारे हैं, और न ही कोई घरेलू सीरीज गंवाई है। यानी उनके खिलाफ ऐसा कारनामा करने वाली आखिरी टीम भी भारत ही थी, और इस बार भी इतिहास उसी दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।
5 मैचों की सीरीज में भारत 2-0 से आगे, अगले तीन मुकाबलों में से एक जीतते ही ऐतिहासिक सीरीज पर हो जाएगा कब्जा
मौजूदा पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भारतीय टीम वर्तमान में 2-0 की अजय बढ़त के साथ काफी आरामदायक स्थिति में है। सीरीज की ट्रॉफी अपने नाम करने के लिए अब टीम इंडिया को आगामी तीन मुकाबलों में से केवल एक ही मैच जीतने की आवश्यकता है। मौजूदा दौरे पर जिस तरह का अनुशासित और आक्रामक खेल भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया है, उसे देखकर यही अनुमान लगाया जा रहा है कि 93 महीने का लंबा अंतराल बीत जाने के बाद इतिहास एक बार फिर अपनी पुनरावृत्ति करने जा रहा है।