कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भले ही अपने विरोध प्रदर्शनों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है, लेकिन केंद्र सरकार के खिलाफ उसके जुबानी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है।
उन्होंने सोशल मीडिया से पोस्ट और अकाउंट हटाने का दावा करते हुए सरकार को आगाह किया कि इस प्रकार के कदमों से जनता के बीच अविश्वास और अधिक गहरा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से पोस्ट और अकाउंट हटा देने मात्र से लोगों के मन में उठ रहे सवाल समाप्त नहीं किए जा सकते।
🚫 सेंसरशिप से जनता के बीच अविश्वास बढ़ने का मंडरा रहा खतरा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने लिखा:
“इंस्टाग्राम पर की जा रही यह सख्ती काम नहीं आएगी। सरकार हर दिन हजारों पोस्ट और अकाउंट हटा रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि वह एक बहुत अहम बात को नजरअंदाज कर रही है। इंस्टाग्राम तो केवल एक माध्यम और प्लेटफॉर्म है जहाँ लोग अपने सवाल उठा रहे हैं। इन सवालों के पीछे की असली वजहें सोशल मीडिया से कहीं बाहर वास्तविक दुनिया में मौजूद हैं, और अकाउंट हटा देने से ये सवाल खत्म नहीं हो जाएंगे। उल्टा, इस सेंसरशिप से उन लोगों के बीच और ज्यादा अविश्वास पैदा होने का गंभीर खतरा है, जिन्हें सरकार को सही जवाब देना चाहिए।”
⚠️ केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
इससे पूर्व, अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि सरकार चीन सीमा के हालात सहित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर रही है।
म्यांमार में सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) का जिक्र करते हुए दीपके ने सवाल उठाया कि इस गंभीर मामले को कितनी मुस्तैदी से लिया जा रहा है।
🎯 राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर कसा तीखा तंज
अभिजीत दीपके ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा:
“ऐसा नहीं है कि वह हमारे देश का झंडा लहराना चाहता था। अगर वह हमारे देश का झंडा लहराना चाहता तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता था, लेकिन वह तो सिर्फ कुछ आतंकवादियों को ट्रेनिंग दे रहा था, इसलिए सरकार के लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है।”
दीपके ने भारत-चीन सीमा पर चुनौतियों को लेकर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर की टिप्पणियों का भी हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमाओं की सुरक्षा में तैनात रहने वाले बलों को दिल्ली में जन-प्रदर्शन रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश में चिंता के कई विषय हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकताएं अलग हैं—मैथ्यू वैनडाइक या भारत-चीन सीमा की सुरक्षा प्राथमिकता नहीं है, बल्कि मुख्य प्राथमिकता यह है कि दिल्ली में कोई विरोध प्रदर्शन न कर सके और कोई ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग न उठाए।