Balaghat Scam: आदिवासी बहुल क्षेत्र में बैगा बच्चों की मौत के बाद खुला फर्जीवाड़े का राज, रीवा से जुड़े तार
बालाघाट। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल बिरसा क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पदस्थ रहे बीएमओ (BMO) डॉ. सुनील सिंह की डिग्री और नाम दोनों फर्जी निकले हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि वह असल नाम शिवकुमार पाण्डेय है और मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र के बड़ागांव का रहने वाला है। फर्जी दस्तावेजों के सहारे वह पिछले 17 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सरकारी डॉक्टर की नौकरी कर रहा था, इस दौरान वह न सिर्फ नियमित हुआ बल्कि पदोन्नति पाकर बीएमओ के पद तक पहुंच गया था।
🔍 70 लाख रुपये का ऑनलाइन वेतन ले चुका है आरोपी: रीवा और पैतृक गांव में दबिश के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर
राज्य स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में दस्तावेज कूटरचित पाए जाने के बाद बिरसा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच के मुताबिक आरोपी ने मार्च 2017 से 2026 के बीच सरकारी खजाने से लगभग 70 लाख रुपये का ऑनलाइन वेतन प्राप्त किया है, जबकि 2009 से 2016 तक के ऑफलाइन भुगतान का रिकॉर्ड अभी खंगाला जा रहा है। रीवा के खुटेही स्थित उसके आलीशान मकान और पैतृक गांव में पुलिस ने दबिश दी है, लेकिन आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।