उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सबसे चर्चित और सनसनीखेज नीले ड्रम हत्याकांड मामले में जिला जज की अदालत ने आज सजा का ऐतिहासिक ऐलान किया है। कोर्ट ने इस वीभत्स हत्याकांड में दोषी करार दी गई मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत के इस कड़े फैसले के बाद न्याय मिलने से पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया है, वहीं कोर्ट रूम में सजा सुनते ही दोनों दोषी फूट-फूटकर रो पड़े।
📜 “अपराधियों को सजा देना भी धर्म है”: कोर्ट ने सुनवाई के दौरान किया महाभारत का जिक्र
मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने न्याय और धर्म के महत्व को समझाते हुए महाभारत का विशेष जिक्र किया। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि समाज में कानून का राज बनाए रखने और न्याय स्थापित करने के लिए अपराधियों को उनके कुकर्मों की सजा मिलना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों को इस जघन्य अपराध का मुख्य दोषी माना।
🔍 क्या था पूरा मामला? मर्चेंट नेवी कर्मी की बेरहमी से की गई थी हत्या
यह पूरा मामला मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा हुआ है, जिसने अपनी क्रूरता के कारण पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। हत्या के बाद शातिर तरीके से सौरभ के शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट डाल दिया गया था ताकि किसी को शक न हो। पुलिस की सघन जांच और पुख्ता सबूतों के आधार पर चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार कोर्ट ने दोनों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने की सजा सुनाई है।