MP Administrative Action: देवास में ऑडियो वायरल होने के बाद पटवारी सस्पेंड, 15 दिनों में मांगी जांच रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के देवास जिले में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में कथित तौर पर अमर्यादित व आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर ऑडियो बहुप्रसारित होने के बाद एसडीएम आनंद मालवीया ने कड़ा रुख अपनाते हुए तहसील में पदस्थ पटवारी संजय व्यास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश के साथ ही संबंधित पटवारी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
🔍 शासकीय सेवा की गरिमा और सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का मामला
जारी निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि पटवारी राजस्व प्रशासन का मुख्य मैदानी कर्मचारी होता है, जिसका आम नागरिकों और किसानों के साथ सीधा जुड़ाव रहता है। ऐसे में शासकीय सेवक से पद की गरिमा बनाए रखते हुए अनुशासित और शिष्ट व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। प्रथमदृष्टया वायरल ऑडियो को शासकीय सेवा की गरिमा के प्रतिकूल माना गया है, जो मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के स्पष्ट प्रावधानों का उल्लंघन है।
📋 15 दिनों के भीतर मांगी गई विभागीय जांच रिपोर्ट, टप्पा पीपलरांवा बना मुख्यालय
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तहसीलदार नेहा शाह को जांचकर्ता अधिकारी और नायब तहसीलदार टप्पा भौंरासा को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर पूरी जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी संजय व्यास का मुख्यालय नायब तहसीलदार कार्यालय टप्पा पीपलरांवा निर्धारित किया गया है।