निर्वाचक नामावली में नाम जुड़वाने से छूटे और विभिन्न कारणों से विलोपित किए गए मतदाताओं को अब एक और नया मौका मिलने जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्य प्रदेश ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से निर्वाचक नामावली के निरंतर अद्यतन (Updation) और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विलोपित मतदाताओं के सभी प्रकरणों का दोबारा परीक्षण किया जाए और पात्र पाए जाने पर उनके नाम नियमानुसार मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से शामिल किए जाएं।
🔍 वीसी में छूटे मतदाताओं की पहचान के कड़े निर्देश: पुरानी और वर्तमान सूचियों का होगा मिलान
इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इंदौर से कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहित तमाम संबंधित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सूची से छूटे सभी मतदाताओं की पहचान करने को कहा। जिन मतदान केंद्रों में बाद में परिवर्तन या बदलाव हुआ है, वहां पुरानी और वर्तमान सूचियों का बारीकी से मिलान करके छूटे हुए पात्र मतदाताओं की सटीक सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया कि गैर-एसआईआर (Non-SIR) अवधि में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1960 के तहत निर्धारित वैध प्रपत्रों का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
📊 साप्ताहिक होगी अभियान की समीक्षा: इंदौर में हटाए गए थे करीब साढ़े चार लाख मतदाताओं के नाम
बैठक में डीएसई प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने, रिक्त चल रहे बीएलओ (BLO) और बीएलओ सुपरवाइजर के पदों को शीघ्र भरने तथा इस पूरे अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान की अब हर हफ्ते साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और जिला स्तर पर प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले इंदौर में लगभग साढ़े चार लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, जबकि एसआईआर के बाद सूची में कुल 24.20 लाख मतदाता शामिल थे।
📝 दो दिन के भीतर बीएलओ और बीएलए को मिलेगी सूची: नागरिकों की सुविधा के लिए बनेंगे हेल्पडेस्क
प्रशासनिक योजना के तहत अगले दो दिनों के भीतर सभी बीएलओ और बीएलए को छूटे हुए नामों की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी, ताकि पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जा सके। एईआरओ (AERO) को सूची तैयार कराने और ईआरओ (ERO) को इसकी रोजाना समीक्षा करने के निर्देश हैं। इसके अलावा, नागरिकों की सुविधा के वास्ते ईआरओ स्तर पर विशेष हेल्पडेस्क भी स्थापित किए जाएंगे, जहां निर्वाचन प्रक्रियाओं की जानकारी मिलेगी। साथ ही, नई बसाहटों में डोर-टू-डोर सर्वे कर पात्र मतदाताओं को चिन्हित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।