SIR Voter List: मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कड़ा निर्देश, बिना सुनवाई और BLA को सूची दिए नहीं कटेगा किसी का नाम
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बेहद अहम और पारदर्शी निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने का अंतिम फैसला लेने से पहले संबंधित मतदाताओं की पूरी सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को उपलब्ध करानी होगी। साथ ही, मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करने में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से न कटे।
⛺ दस्तावेज जमा करने के लिए लगेंगे चार विशेष शिविर, ऑनलाइन सुनवाई और घर-घर जाकर दस्तावेज लेने की सुविधा
जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं या जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल समय पर दस्तावेज न मिलने के आधार पर नाम नहीं काटा जाएगा। मतदाताओं की सुविधा के लिए 3, 4, 10 और 11 अक्टूबर 2026 को विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सुनवाई को प्राथमिकता दी जाएगी और बीएलओ फोन, व्हाट्सएप या घर जाकर भी दस्तावेज स्वीकार कर सकेंगे।
👥 परिवार का वयस्क सदस्य भी ले सकेगा सुनवाई में हिस्सा, मतदाताओं को चक्कर काटने से मिलेगी राहत
नये दिशानिर्देशों के अनुसार, यदि नोटिस पाने वाला मतदाता खुद उपस्थित नहीं हो सकता, तो उसकी तरफ से परिवार का कोई अन्य अधिकृत वयस्क सदस्य भी सुनवाई में शामिल हो सकता है। निर्वाचन कार्यालय का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि नागरिकों को दस्तावेज जमा करने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व सुलभ बनी रहे।