Ujjain Simhastha 2028: खड़े हनुमान मंदिर और अतिक्रमण पर बवाल; उज्जैन के 50 गणेश पंडालों में लगे विरोध के पोस्टर

उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ 2028 की व्यापक तैयारियों के बीच उज्जैन शहर में धार्मिक स्थलों के स्थानांतरण और अवैध अतिक्रमण का मुद्दा काफी गरमा गया है। प्रसिद्ध बड़े सराफा क्षेत्र के खड़े हनुमान मंदिर को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में अब हिंदू संगठन मुखर हो गए हैं। शहर के करीब 50 प्रमुख गणेश पंडालों में विरोध स्वरूप बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रशासन पर धार्मिक स्थलों को हटाने में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।

🏚️ विकास के नाम पर 60 मंदिर हटाने का दावा: नाका नंबर 5 और जूना सोमवारिया में दोबारा अतिक्रमण का आरोप

गणेश पंडालों में लगाए गए पोस्टर्स और पोस्टरों में दावा किया गया है कि शहर के 5 नंबर नाका क्षेत्र में करीब 8 अवैध कॉलोनियां सिंहस्थ की आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण करके बसाई गई हैं।

इसके अलावा जूना सोमवारिया क्षेत्र में भी सिंहस्थ भूमि के एक बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा जमाया गया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि जूना सोमवारिया में पूर्व में भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की गई थी, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण वहां दोबारा पक्के निर्माण खड़े हो गए हैं, जिन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

🏛️ ‘हिंदू समाज ने विकास के लिए 60 मंदिर दिए’: हिंदू जागरण मंच ने उठाई समान कार्रवाई की मांग

हिंदू जागरण मंच के महानगर संयोजक रितेश माहेश्वरी ने बताया कि शहर में सड़क चौड़ीकरण और अन्य विकास कार्यों के लिए हिंदू समाज ने हमेशा शासन का सहयोग किया है।

उन्होंने बताया, “गाड़ी अड्डे से लेकर गोपाल मंदिर, कोयला फाटक से छोटा पुल और वीडी क्लॉथ मार्केट से बड़ा पुल तक के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित करीब 60 छोटे-बड़े मंदिरों को समाज ने विकास के हित में स्थानांतरित या हटाने की सहमति दी है। ऐसे में जन-आस्था के केंद्र खड़े हनुमान मंदिर को भी उसके मूल स्थान पर ही यथावत बनाए रखने पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।”

🚜 ‘यदि मंदिरों पर कार्रवाई हो सकती है तो अन्य अवैध कब्जों पर भी चले बुलडोजर’: 450 नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं

रितेश माहेश्वरी का स्पष्ट कहना है कि सिंहस्थ क्षेत्र और सड़क चौड़ीकरण की जद में विशेष वर्ग के भी करीब 11 धार्मिक व अन्य स्थान आ रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास कार्यों के नाम पर मंदिरों पर कार्रवाई की जा सकती है, तो अन्य अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाने में देरी क्यों हो रही है? पोस्टरों में उल्लेख किया गया है कि 5 नंबर नाका क्षेत्र की लगभग 20 कॉलोनियों को प्रशासन द्वारा 450 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन धरातल पर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है।

🤝 नगर निगम कमिश्नर ने नकारे भेदभाव के आरोप: कहा- ‘सभी वर्गों के समन्वय के साथ हो रही समान कार्रवाई’

दूसरी ओर, हिंदू संगठनों के इन आरोपों पर प्रशासनिक पक्ष सामने आया है। उज्जैन नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने भेदभाव के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा कि शहर में सिंहस्थ 2028 की दृष्टि से हो रहे चौमुखी विकास कार्यों और सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाले सभी धार्मिक स्थलों व निर्माणों को लेकर समाज के सभी वर्गों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। प्रशासन बिना किसी भेदभाव के पूरी पारदर्शिता और नियमनुसार सभी स्थानों पर समान कार्रवाई कर रहा है।

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