MP News : कंठाल से छत्री चौक मार्ग चौड़ीकरण कार्य, ASI और आईआईटी इंदौर की टीम कर रही है वैज्ञानिक परीक्षण
सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के मद्देनजर उज्जैन में व्यापक स्तर पर विकास और सड़क चौड़ीकरण के कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी क्रम में कंठाल से छत्री चौक तक 1.13 किलोमीटर मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इस दौरान मार्ग में आ रहे धार्मिक स्थलों को विस्थापित करने की प्रक्रिया के तहत बड़ा सराफा स्थित अति प्राचीन खड़े हनुमान जी के छोटे से मंदिर का ढांचा हटाया गया, जिसके बाद से यह मामला सुर्खियों में आ गया है। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि नगर निगम की जेसीबी और क्रेन मशीनों से हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने के कई बार प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिमा टस से मस नहीं हुई। इन वायरल दावों के बीच अब जिला प्रशासन ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
🔬 आईआईटी इंदौर और एएसआई की टीम कर रही तकनीकी परीक्षण, एसडीएम ने कहा—धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
घटनाक्रम को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) एल.एन. गर्ग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिमा को हटाने से जुड़ी खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य अति आवश्यक हैं, लेकिन उज्जैन की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभी तक मशीन या मानवीय तरीके से खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है। प्रतिमा की संरचनात्मक स्थिति, मिट्टी और चट्टान का वैज्ञानिक परीक्षण करने के लिए आईआईटी इंदौर और एएसआई (ASI) के विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे हैं। विशेषज्ञों की तकनीकी रिपोर्ट मिलने और संत समाज तथा श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखते हुए ही आगे की उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों का दावा है कि उनके पास अधिकारियों की मौजूदगी और मंदिर के ढांचे के पास हुई गतिविधियों के वीडियो व photographic प्रमाण मौजूद हैं।