Bengal Politics: तृणमूल कार्यालय पर हमले को लेकर अभिषेक बनर्जी का तीखा हमला, हाईकोर्ट से संज्ञान लेने की अपील

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।

अभिषेक बनर्जी के अनुसार, सुबह लगभग 4:30 बजे कैमक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में कथित तौर पर हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ की गई और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर घटना पर कड़ा रोष जताया और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

⏳ ‘दो घंटे तक निष्क्रिय रही पुलिस’: प्रतिक्रिया में देरी पर उठाए सवाल

प्रशासनिक देरी को लेकर बयान के मुख्य बिंदु:

  • लगातार संपर्क के बाद भी देरी: अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और वकीलों द्वारा फोन कॉल्स और ईमेल के जरिए पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन लगभग दो घंटे तक कोई प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

  • कानून व्यवस्था पर सवाल: उन्होंने कहा कि सुबह के वक्त इस तरह की घटना होना और सहायता पहुंचने में देरी होना बेहद अस्वीकार्य है।

  • सख्त कार्रवाई की मांग: उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समूह या व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता और मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जाने चाहिए।

📦 तोड़फोड़ और सामान नष्ट करने का दावा: निष्पक्ष जांच की मांग

कार्यालय को हुए नुकसान की जानकारी:

  • सामानों का नुकसान: बयान में कहा गया कि हमलावरों ने कार्यालय में रखे फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य जरूरी सामानों को क्षतिग्रस्त कर दिया।

  • फोन छीनने का आरोप: कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि हमले के दौरान उपस्थित लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए गए।

  • साजिश की पड़ताल: सांसद ने इस पूरे घटनाक्रम की योजना, निर्देशन और पुलिस की कथित देरी के कारणों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग रखी है।

⚖️ न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं से संज्ञान लेने की अपील

संवैधानिक संस्थाओं के रुख पर सवाल:

  • हस्तक्षेप का आग्रह: अभिषेक बनर्जी ने इस घटनाक्रम को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय और न्यायपालिका से पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लेने की अपील की।

  • संस्थागत जवाबदेही: उन्होंने अपने वक्तव्य में राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्रालय और पीएमओ के संज्ञान लेने को लेकर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य में निष्पक्ष कानून का शासन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

🏛️ राजनीतिक टकराव: नेतृत्व पर साधा निशाना

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दायरा:

  • नेतृत्व पर सवाल: अभिषेक बनर्जी ने राजनीतिक नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दलों के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की राजनीति कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

  • लोकतांत्रिक मर्यादा: उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और तोड़फोड़ का कोई स्थान नहीं है और इस तरह की हरकतों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व     |     भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रिपोर्ट     |     ब्रेकअप के बाद एक्स गर्लफ्रेंड की हर हरकत जानने के लिए पुलिस विभाग में डाली 97 आरटीआई, हैरान करने वाला मामला     |     कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या     |     कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा     |     कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मांगा इस्तीफा     |     भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या     |     न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता मुकाबला     |     दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम     |     सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलती     |