आपदा में दुपट्टे का टुकड़ा बांधा था, अब अहमदाबाद से भेजी राखी: CM पुष्कर सिंह धामी को बहन धनगौरी का भावुक पत्र

देहरादून: गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली धनगौरी बरोलिया ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर राखी और एक अत्यंत भावुक पत्र भेजा है।

अपने पत्र में धनगौरी ने पिछले वर्ष उत्तराखंड के धराली में आई भीषण आपदा के दौरान मुख्यमंत्री से हुई पहली मुलाकात को याद किया है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विकट आपदा के समय बना यह भाई-बहन का अटूट रिश्ता आज भी उनके दिल में पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ जीवित है।

🧣 ‘राखी नहीं थी तो दुपट्टे का टुकड़ा बांधा था’: धराली में हुई थी पहली मुलाकात

मुलाकात की भावुक यादें:

  • आपदा में फंसी थीं धनगौरी: पिछले वर्ष रक्षाबंधन के समय धनगौरी उत्तराखंड भ्रमण पर आई थीं, तभी धराली क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच वे फंस गई थीं।

  • मुख्यमंत्री खुद पहुंचे थे ग्राउंड जीरो: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब आपदा प्रभावित क्षेत्र का मुआयना करने और फंसे हुए नागरिकों से मिलने पहुंचे, तब धनगौरी को भी उनसे सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

  • दुपट्टे का बना रक्षासूत्र: रक्षाबंधन का पर्व निकट होने के कारण मुख्यमंत्री ने सहज भाव से कहा था कि यदि उनके पास राखी हो तो वे उनकी कलाई पर बांध सकती हैं। राखी न होने पर धनगौरी ने तत्काल अपने दुपट्टे का एक छोटा टुकड़ा फाड़कर उसे पवित्र रक्षासूत्र मानकर मुख्यमंत्री की कलाई पर बांध दिया था।

🙏 उसी दिन मान लिया था ‘धर्म भाई’: जीवनभर न भूलने वाला पल

भाई-बहन का अटूट विश्वास:

  • आजीवन रिश्ता: धनगौरी ने अपने पत्र में लिखा कि जिस क्षण उन्होंने दुपट्टे का टुकड़ा उनकी कलाई पर बांधा, उसी समय उन्होंने मुख्यमंत्री धामी को अपना धर्म भाई स्वीकार कर लिया था।

  • अविस्मरणीय क्षण: उन्होंने कहा कि उस संकट की घड़ी में मिली वह आत्मीयता आज भी उनके जीवन का सबसे अनमोल और कभी न भूलने वाला संस्मरण है।

🛡️ ‘कठिन समय में बने श्रीकृष्ण जैसा संबल’: द्रौपदी प्रसंग का किया उल्लेख

संकट के समय मिला नैतिक समर्थन:

  • हौसला और भरोसा: धनगौरी ने उल्लेख किया कि धराली की उस भयानक त्रासदी में जब चारों तरफ भय और अनिश्चितता थी, तब मुख्यमंत्री ने प्रभावितों का मनोबल बढ़ाया और सुरक्षित निकालने का भरोसा दिलाया।

  • पौराणिक संदर्भ: उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और माता द्रौपदी के प्रसंग का उदाहरण देते हुए लिखा कि जिस तरह भगवान श्रीकृष्ण ने संकट के क्षणों में द्रौपदी की रक्षा की थी, उसी प्रकार मुख्यमंत्री धामी उस आपदा में उनके लिए सच्चा सहारा बने।

💌 ‘भाई को राखी भेजना कैसे भूल सकती हूं’: लंबी उम्र की प्रार्थना

शुभकामनाएं और दीर्घायु की कामना:

  • अहमदाबाद से भेजा स्नेह: धनगौरी ने कहा कि भले ही इस वर्ष वे अहमदाबाद में हैं, लेकिन अपने इस धर्म भाई को राखी भेजना वे कभी नहीं भूल सकतीं। इसी आत्मीय भाव के साथ उन्होंने रक्षासूत्र भेजा है।

  • प्रदेश सेवा का संकल्प: पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना करते हुए प्रार्थना की कि वे इसी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ उत्तराखंड और प्रदेशवासियों की सेवा करते रहें।

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