महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी, ओला-उबर चालकों के लिए मराठी अनिवार्य: नहीं सीखने पर रद्द होगा परमिट और बैज, परिवहन विभाग का एक्शन

मुंबई (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र में मराठी भाषा बोलने और समझने में असमर्थ गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा, टैक्सी, ओला और उबर चालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कड़े कानूनी कदम उठाने की पूरी तैयारी कर ली है।

संशोधित मोटर वाहन नियमों के तहत राज्य में सार्वजनिक यात्री वाहन चलाने वाले प्रत्येक चालक के लिए मराठी भाषा का व्यावहारिक (वर्किंग) ज्ञान होना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग अब इस नियम को धरातल पर सख्ती से लागू करने जा रहा है, जिसके तहत ऑन-ग्राउंड चालकों के भाषा ज्ञान का सत्यापन किया जाएगा।

⚠️ नोटिस, निलंबन और परमिट रद्दीकरण: तीन चरणों में होगा कड़ा एक्शन

मराठी भाषा सीखने से इनकार करने वाले चालकों के खिलाफ चरणबद्ध दंडात्मक प्रक्रिया तय की गई है:

  • प्रथम चरण (1 महीने का नोटिस): जिन चालकों को मराठी का बुनियादी ज्ञान नहीं होगा, उन्हें भाषा सीखने के लिए पहले एक महीने का औपचारिक नोटिस थमाया जाएगा।

  • द्वितीय चरण (बैज निलंबन): नोटिस की समयावधि बीतने के बाद भी यदि चालक मराठी नहीं सीखता है, तो उसका कमर्शियल बैज 3 महीने के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा।

  • तृतीय चरण (स्थायी रद्दीकरण): इसके बावजूद जानबूझकर भाषा सीखने से मना करने वाले चालकों का बैज और वाहन परमिट स्थायी रूप से रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा।

⏱️ नहीं मिलेगा कोई अतिरिक्त समय, 9.65 लाख चालकों पर लागू होगा नियम

परिवहन विभाग ने नियमों के अनुपालन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है:

  • समय-सीमा में छूट नहीं: विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो चालक मराठी सीखने और बोलने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, उन्हें अब कोई अतिरिक्त रियायत या समय नहीं दिया जाएगा।

  • दायरा: वर्तमान में राज्य भर में लगभग 9 लाख 65 हजार ऑटो-रिक्शा और टैक्सी परमिट व आधिकारिक बैज धारक पंजीकृत हैं, जिन पर यह जांच व्यवस्था लागू होगी।

📹 नया बैज जारी करने से पहले होगी बातचीत, पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

भविष्य में जारी होने वाले नए परमिट और बैज के लिए भी मानक तय किए गए हैं:

  • मौखिक परीक्षा (Direct Interaction): अब नया परमिट या बैज जारी करने से पूर्व आरटीओ (RTO) अधिकारी चालक से प्रत्यक्ष बातचीत करके उसकी मराठी समझ की पुष्टि करेंगे।

  • पारदर्शिता व रिकॉर्डिंग: विवाद से बचने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जांच प्रक्रिया की बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। मराठी के व्यावहारिक ज्ञान की पुष्टि के बाद ही नया बैज निर्गत होगा।

🔍 फर्जी निवास प्रमाण पत्र (Domicile) पर परमिट लेने वालों की पुलिस जांच शुरू

विभाग के संज्ञान में आए अन्य फर्जीवाड़ों पर भी नकेल कसी जा रही है:

  • फर्जी प्रमाण पत्रों पर नजर: परिवहन विभाग को शिकायतें मिली हैं कि राज्य में 15 वर्षों से रहने का फर्जी डोमिसाइल प्रमाणपत्र बनवाकर अवैध तरीके से परमिट और बैज हासिल किए गए हैं।

  • पुलिस जांच: ऐसे सभी संदिग्ध दस्तावेजों की पुलिस के माध्यम से गहन पड़ताल के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

  • जांच अभियान की कमान: इस पूरे अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ को सौंपा गया है, जिन्हें अगले माह के अंत तक विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व     |     भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रिपोर्ट     |     ब्रेकअप के बाद एक्स गर्लफ्रेंड की हर हरकत जानने के लिए पुलिस विभाग में डाली 97 आरटीआई, हैरान करने वाला मामला     |     कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या     |     कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा     |     कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मांगा इस्तीफा     |     भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या     |     न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता मुकाबला     |     दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम     |     सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलती     |