अयोध्या राम मंदिर के नए CEO की रेस तेज: 5,300 आवेदनों में से 18 शार्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को अयोध्या में होगा फाइनल इंटरव्यू

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): श्री राम जन्मभूमि मंदिर की प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने हेतु नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा CEO पद हेतु आमंत्रित किए गए 5,300 से अधिक आवेदनों में से प्राथमिक जांच के उपरांत 54 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था। अब इनमें से 18 शीर्ष उम्मीदवारों को अंतिम चरण के इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन अभ्यर्थियों का अंतिम साक्षात्कार 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि परिसर में संपन्न होगा। साक्षात्कार के उपरांत तीन सदस्यीय चयन समिति योग्य उम्मीदवारों के तीन नामों की अनुशंसा सूची तैयार करेगी, जिसके पश्चात ट्रस्ट की आगामी बैठक में नए CEO के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।

🏛️ रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय समिति लेगी इंटरव्यू

उल्लेखनीय है कि अयोध्या राम मंदिर के CEO पद हेतु 13 जुलाई को आधिकारिक रूप से आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसकी अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित थी।

प्राप्त 5,300 से अधिक आवेदनों की गहन स्क्रूटनी के उपरांत द्वितीय चरण के लिए 54 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिनमें से 18 को अंतिम साक्षात्कार पत्र प्रेषित किया गया है। तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय चयन समिति इन सभी उम्मीदवारों का व्यक्तिगत साक्षात्कार लेगी। इस समिति की अध्यक्षता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली कर रहे हैं, जबकि समिति में डॉ. सुरेश हावड़े एवं भारतीय सेना के सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी अन्य सदस्यों के रूप में सम्मिलित हैं।

📅 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में हो सकता है अंतिम फैसला, पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को प्राथमिकता

साक्षात्कार की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात चयन समिति तीन सर्वोत्कृष्ट उम्मीदवारों के नामों का पैनल राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेगी।

तदुपरांत 2 सितंबर को आहूत होने वाली राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में नए CEO के नाम की औपचारिक घोषणा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, वृहद प्रशासनिक अनुभव रखने वाले वरिष्ठ सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों (IAS/IPS) अथवा सैन्य अधिकारियों को इस पद हेतु प्राथमिकता प्रदान की जा सकती है। गौरतलब है कि इससे पूर्व 6 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट की बैठक में ही इस चयन समिति का गठन किया गया था।

🔐 दानपात्रों की सुरक्षा एवं प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने हेतु सृजित किया गया CEO का पद

राम मंदिर परिसर में दैनिक कार्यों व विशाल जनसमूह के प्रबंधन को अधिक पेशेवर ढंग से संचालित करने हेतु CEO का नवीन पद सृजित किया गया है।

विशेष रूप से मंदिर के दानपात्रों में प्राप्त होने वाली दान राशि की गणना के दौरान अनियमिता की शिकायतें सामने आने के पश्चात प्रशासनिक नियंत्रण की आवश्यकता और अधिक महसूस की गई। वर्तमान में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या पहुंच रहे हैं। इसके अतिरिक्त दान प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था एवं यात्री सुविधाओं का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। इन्हीं परिस्थितियों के दृष्टिगत ट्रस्ट एक ऐसे अनुभवी अधिकारी को दायित्व सौंपना चाहता है, जो मंदिर के दैनिक प्रशासनिक व वित्तीय संचालन की निगरानी पूर्ण निष्ठा से कर सके।

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