कांवड़ यात्रा पर दारुल उलूम देवबंद की एडवाइजरी: छात्रों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, कांवड़ रूट से दूरी बनाने के निर्देश

सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद द्वारा अपने अध्ययनरत छात्रों के लिए एक विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है।

यह एडवाइजरी पवित्र सावन मास में चल रही कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत जारी की गई है। संस्थान प्रबंधन ने छात्रों को निर्देश दिए हैं कि वे कांवड़ मार्ग (Kanwar Route), जीटी रोड तथा अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर बेवजह आवाजाही न करें। सभी विद्यार्थियों से कहा गया है कि वे केवल अत्यंत अनिवार्य कार्य होने पर ही परिसर से बाहर निकलें।

🪪 आरक्षित रेलवे कोच में ही करें यात्रा, शाम ढलने के उपरांत बिना आईडी कार्ड नहीं मिलेगा कैंपस में प्रवेश

संस्थान की ओर से कहा गया है कि यदि किसी छात्र को अत्यंत आवश्यक कार्यवश यात्रा करनी पड़े, तो वे केवल आरक्षित (Reserved) रेलवे कोच में ही सफर करें।

इसके साथ ही, प्रत्येक छात्र को हर समय दारुल उलूम देवबंद द्वारा निर्गत मूल पहचान पत्र (Identity Card) अनिवार्य रूप से अपने पास रखना होगा। सूर्यास्त के पश्चात् बिना वैध पहचान पत्र दिखाए किसी भी छात्र को हॉस्टल या कैंपस में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बुधवार संध्या जारी लिखित आदेश में हॉस्टल प्रभारी मौलाना अशरफ अब्बास ने स्पष्ट किया कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वार्षिक कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने के ध्येय से उठाया गया है।

💬 “छात्रों की सुरक्षा और सुव्यवस्थित आवाजाही ही प्राथमिक उद्देश्य”: दारुल उलूम प्रशासन

“संस्थान की ओर से जारी पहचान पत्र दिखाए बिना किसी भी छात्र को सूर्यास्त के उपरांत परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा की अवधि में छात्रों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में सुव्यवस्थित आवाजाही में प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना है।”

💻 गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के चलते 12 अगस्त तक स्कूल बंद, निजी संस्थानों ने शुरू की ऑनलाइन क्लासेस

दूसरी ओर, गाजियाबाद जिला प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा के कारण 4 से 12 अगस्त तक समस्त शैक्षणिक संस्थानों को भौतिक रूप से बंद रखने के दिए गए आदेशों के अनुपालन में शहर के अनेक निजी विद्यालयों ने ऑनलाइन कक्षाएं (Online Classes) संचालित करना प्रारंभ कर दिया है।

प्रशासन का यह आदेश प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), तकनीकी, उच्च शिक्षा, मदरसों तथा संस्कृत बोर्ड से संबद्ध सभी संस्थानों पर समान रूप से प्रभावी है।

🚌 ट्रैफिक डायवर्जन के चलते नहीं चल पा रही थीं बसें, शैक्षणिक नुकसान की भरपाई हेतु उठाया कदम

अनेक विद्यालय प्राचार्यों (Principals) ने बताया कि उन्होंने सोमवार से ही ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण कार्य प्रारंभ कर दिया है, क्योंकि संपूर्ण जिले में मुख्य सड़कों पर लागू ट्रैफिक डायवर्जन और मार्ग बंद होने के कारण स्कूली बसों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा था।

अध्यापकों का कहना है कि नौ दिनों की इस अचानक बंदी से पूर्व से व्यस्त शैक्षणिक कैलेंडर और छोटा हो जाएगा। पूर्व में गर्मी व सर्दी की छुट्टियों और वायु प्रदूषण के कारण हुई बंदियों से जरूरी 220 कार्यदिवस पूरे करने में बाधा आ रही थी, जिसकी भरपाई हेतु ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया गया है।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के 100वें जन्मदिन पर पीएम मोदी ने लिखा खास लेख, देश के लिए दिए योगदान को किया याद     |     दिल्ली में एकतरफा प्यार और प्रताड़ना का खौफनाक अंत, पेट्रोल छिड़ककर की खुदकुशी— पुलिस जांच में जुटी     |     पालतू कुत्ते और पार्किंग के विवाद ने ली जान, टेक कंपनी के पूर्व अधिकारी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं     |     बालिचंद्रपुर में दर्दनाक अग्निकांड, एलपीजी गैस से खाना बनाते वक्त हुआ हादसा— एक झुलसा     |     यूपी-उत्तराखंड में सक्रिय अवैध ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़, मुरादाबाद पुलिस ने 2000 कोडीन सिरप की बोतलों के साथ सरगना को दबोचा     |     सेवा का कभी प्रदर्शन नहीं होना चाहिए, निस्वार्थ भाव से किया गया कार्य ही सच्चा धर्म है— मोहन भागवत     |     दीपावली 2026 पर अपनों को भेजें ये खूबसूरत शुभकामनाएं और संदेश, इन प्यारे कोट्स से बनाएं त्योहार को खास     |     देश भर में दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली में प्रदूषण और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान— IMD की ताजा रिपोर्ट     |     इजराइल की राजनीति में बड़ा उलटफेर, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने विपक्षी नेता आइसेनकोट को सौंपा सरकार बनाने का मौका     |     द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मनाया गया दीपावली का पावन पर्व, अनूठी परंपराओं और राजसी वैभव के साथ हुई शुरुआत     |