बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन, चलेंगी 40 अतिरिक्त ट्रेनें

पटना (बिहार): दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रूटों में शुमार है। अब भारतीय रेलवे ने इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों के सुगम, निर्बाध और तेज संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एक बहुप्रतीक्षित नई रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। बिहार राज्य में स्वीकृत की गई इस वृहद रेल परियोजना की कुल अनुमानित लागत 976 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अंतर्गत बिहार के दानापुर से फतुहा के बीच 29 किलोमीटर की नई रेल लाइनें बिछाने का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।

🚉 पटना रेल कॉरिडोर को मिलेगा बड़ा बूस्ट, तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण कार्य

दानापुर से फतुहा के मध्य बिछाई जाने वाली यह नई रेल लाइन पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के अधिकार क्षेत्र में आती है।

यह रेल खंड पटना रेल कॉरिडोर का अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक हिस्सा है। रेल मंत्रालय से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना को तीन सुव्यवस्थित चरणों (Phases) में विभाजित किया गया है:

  1. पहला चरण: दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी (3rd & 4th) नई रेल लाइन बिछाने का कार्य होगा।

  2. दूसरा चरण: राजेंद्र नगर से पटना साहिब स्टेशन तक एक अतिरिक्त रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा।

  3. तीसरा चरण: पटना साहिब से फतुहा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन का विस्तार किया जाएगा।

यह नई परियोजना दिल्ली-दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-पटना-किउल-भागलपुर-खाना-हावड़ा मार्ग के चौड़ीकरण और आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट का एक अभिन्न अंग है।

🚆 प्रतिदिन चल सकेंगी 40 अतिरिक्त ट्रेनें, 52 लाख टन बढ़ेगी वार्षिक माल ढुलाई क्षमता

रेलवे अधिकारियों के आधिकारिक आकलनों के अनुसार, इस मेगा प्रोजेक्ट के पूर्ण होते ही इसके पहले ही वित्तीय वर्ष में 22 अतिरिक्त पैसेंजर (यात्री) ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।

इसके अतिरिक्त, रूट पर दैनिक आधार पर 18 नई मालगाड़ियों का संचालन भी संभव हो सकेगा। यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के ‘ऊर्जा, खनिज और सीमेंट कॉरिडोर’ के अंतर्गत आता है। परियोजना के क्रियान्वयन के बाद इस व्यस्त रेल खंड पर माल ढुलाई की क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि होगी और प्रतिवर्ष लगभग 52 लाख टन अतिरिक्त माल परिवहन किया जा सकेगा।

🏔️ जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने पर रेलवे बनी तारणहार, फंसे 2200 यात्रियों के लिए चलाईं 3 विशेष ट्रेनें

दूसरी ओर, उत्तर रेलवे ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में फंसे यात्रियों की सुविधा के लिए त्वरित कदम उठाते हुए तीन विशेष ट्रेनें संचालित कीं।

गौरतलब है कि भारी भूस्खलन और मूसलाधार बारिश के चलते लगभग 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पूरी तरह बाधित हो गया था, जिससे घाटी को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाला एकमात्र बारहमासी मार्ग ठप्प हो गया और हजारों यात्री बीच रास्ते में फंस गए।

उधमपुर जिले के तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसकी तात्कालिक मरम्मत हेतु यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया था। ऐसे संकट के समय रेलवे ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 2,200 फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया।

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