Unique Wedding: जहां जलती हैं चिताएं, वहां सजा शादी का मंडप; श्मशान में सात फेरे देख भड़के लोग

Almora Anokhi Shadi: देवभूमि उत्तराखंड अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के लिए जानी जाती है, लेकिन अल्मोड़ा जिले के मरचूला से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने नई बहस छेड़ दी है. यहां कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे एक श्मशान घाट पर पर्यटकों ने शादी की रस्में निभाईं. जिस स्थान पर लोग अपनों को अंतिम विदाई देते हैं, वहां जयमाला और भव्य सजावट देख स्थानीय लोग और प्रशासन हैरान हैं.

मरचूला क्षेत्र में रामगंगा और बदनगढ़ नदी के संगम पर एक पुराना श्मशान घाट स्थित है. स्थानीय गांवों के लोग सदियों से यहां शवदाह करते आ रहे हैं. संगम स्थल होने के कारण यह स्थान प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर है, यही वजह है कि डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए आए पर्यटकों की नजर इस जगह पर ठहर गई. पास के ही एक रिजॉर्ट में ठहरे इन पर्यटकों को संगम की लोकेशन इतनी पसंद आई कि उन्होंने लोक मान्यताओं को दरकिनार कर दिया.

चेतावनी के बावजूद श्मशान में सजी स्टेज

रिजॉर्ट प्रबंधक राकेश शर्मा के अनुसार, उन्होंने पर्यटकों को पहले ही अवगत करा दिया था कि यह एक श्मशान घाट है और यहां शवदाह किया जाता है. इसके बावजूद, पर्यटकों ने इस जगह की खूबसूरती को प्राथमिकता दी और रविवार को वहां भव्य सजावट कर जयमाला समेत शादी की अन्य रस्में निभाईं. सोशल मीडिया पर जैसे ही इस वेडिंग का वीडियो वायरल हुआ, इलाके में हड़कंप मच गया.

धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन

स्थानीय निवासियों और पूर्व जिला पंचायत सदस्यों ने इस कृत्य पर कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि हिंदू धर्म और पहाड़ी संस्कृति में नदी किनारे के घाटों पर, विशेषकर जहां अंतिम संस्कार होता है, वहां मांगलिक कार्य करना पूरी तरह वर्जित और अशुभ माना जाता है. पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने इसे आस्था के प्रति असंवेदनशीलता और धार्मिक मर्यादाओं का अपमान बताया हैय साथ ही, जंगल और प्रतिबंधित नदी क्षेत्र में इस तरह के शोर-शराबे वाले आयोजन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.

प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की तैयारी

मामला चर्चा में आने के बाद प्रशासन ने भी कड़ा रुख अपनाया है. सल्ट के तहसीलदार आबिद अली ने स्पष्ट किया कि शवदाह स्थल या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर बिना अनुमति के निजी समारोह आयोजित करना गैरकानूनी है. हालांकि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन वीडियो के आधार पर जांच की बात कही जा रही है. दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

वेडिंग हब बनाम सांस्कृतिक मर्यादा

उत्तराखंड सरकार राज्य को ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन हब बनाने के लिए प्रयासरत है. लेकिन श्मशान घाट पर शादी जैसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर स्थानीय संस्कृति और धार्मिक पवित्रता की बलि चढ़ाई जा सकती है?

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