Surajkund Mela: दूसरों की जान बचाते हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद, कुछ महीने बाद ही होना था रिटायर; जानें कौन थे ये जांबाज

हरियाणा के सुरजकुंड मेले में कल झूला गिरने के बाद लोगों के बचाव में लगे पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक वह पलवल में पुलिस लाइंस में तैनात थे और उस जोन के ड्यूटी इंचार्ज थे, जहां झूला लगा था. उन्होंने करीब 36 साल पुलिस फोर्स में पूरे कर लिए थे. वहीं हरियाणा सीएम नायब सिंह सैन ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मृतक पलवल पुलिस के इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद मार्च में रिटायर होने वाले थे. मृतक के घर में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटिया हैं. बेटा गौरव कुंजिल (32) सोनीपत में सुपरवाइजर की नौकरी करता है. वह अपनी दोनों बहनों से बड़ा है. पुलिस के मुताबिक, मेले में झूले का एक सिरा गिरने के बाद, दुकानदार और पुलिसकर्मियों समेत कई लोग पीड़ित को बचाने के लिए दौड़े थे. पुलिस ने बताया कि जब रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था, तभी अचानक झूले का दूसरा सिरा भी टूट गया, जिसमें इंस्पेक्टर जगदीश की मौत हो गई. वहीं करीब13 अन्य घायल हो गए.

कौन थे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद?

इंस्पेक्टर जगदीस प्रसाद मूल रूप से यूपी के मथुरा जिले के रहने वाले थे और हरियाणा के पलवल पुलिस लाइन में तैनात थे. मेले में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी. जब झूले का दूसरा सिरा गिरा, तो इंस्पेक्टर सहि सभी घायल लोगों के इलाज के लिए फरीबाद के सिविल अस्पताल में ले जाया गया, जहां पुलिस ने जगदीश प्रसाद को मृत घोषित कर दिया. 31 जनवरी 2026 को पुलिस लाइंस पलवल से सूरजकुंड मेला ड्यूटी हेतु नियुक्त किए गए थे.

मिलेगा शहीद का दर्जा

हादसे की सूचना पर हरियाणा के डीजीपी अजय सिंगल फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान में घायल लोगों का हाल-चाल जानने पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि मृतक इंस्पेक्टर के परिजनों में से यदि कोई भी नौकरी की उम्र का होगा, तो उसे सरकारी नौकरी दी जाएगा. उन्होंने कहा कि जगदीश ड्यूटी पर थे और हादसे में उनकी मौत हुई इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा. डीजीपी ने कहा कि इंस्पेक्टर के परिजनों को पॉलिसी के तहत 1 करोड़ रूपए की राशि और विभाग द्वारा दिए जाएंगे अन्य लाभ दिए जाएंगे.

कैसे हुआ था हादसा?

फरीदाबाद में आयोजित किए जा रहे सूरजकुंड मेला में शनिवार शाम करीब 6 बजे एक झूले का एक सिरा अचानक तकनीकी खराबी के कारण टूटकर गिर गया, जिससे कई लोग घायल हो गए. घटना के समय ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक जगदीश ने तत्परता और साहस का परिचय देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया. इस दौरान झूला का दूसरा सिरा भी टूटकर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और जब इलाज के लिए उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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