Uttarayani Kauthig 2026: उत्तरायणी कौथिग मेले में शामिल हुईं CM रेखा गुप्ता, उत्तराखंड की कला और संस्कृति की जमकर की तारीफ

उत्तरायणी कौथिग 2026 के अवसर पर दिल्ली के पटपड़गंज स्थित रास विहार में आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय कॉर्पोरेट कार्य एवं सड़क परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा के साथ सहभागिता की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बसे उत्तराखंड के भाई-बहनों की अभूतपूर्व ऊर्जा, उत्साह और आत्मीयता का अनुभव किया. इस अवसर पर विधायक रवि कांत, रवि नेगी, निगम पार्षदगण तथा अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड मातृभूमि है और दिल्ली कर्मभूमि, यही एकता हमारी सामूहिक शक्ति है. ऐसे सांस्कृतिक आयोजन दिल्ली में बसे प्रत्येक पहाड़ी परिवार को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त और सार्थक माध्यम हैं. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समाज सेवा, व्यापार, कला और संस्कृति के माध्यम से दिल्ली के विकास में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

नई शुरुआत और शुभ संकल्पों का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने उत्तरायणी पर्व को नई दिशा, नई शुरुआत और शुभ संकल्पों का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आगे बढ़ने की प्रेरणा लेकर आता है. उन्होंने कार्यक्रम के वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि पूरे पंडाल में उपस्थित जनसमूह, पारंपरिक परिधान, लोकसंगीत और नृत्य ने दिल्ली में उत्तराखंड की जीवंत सांस्कृतिक छवि साकार कर दी.

दिल्ली भारत का प्रतिबिंब

रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली भारत का प्रतिबिंब है, जहां देश के हर राज्य की संस्कृति, परंपरा, त्योहार और रीति-रिवाज एक साथ जीवंत रूप में दिखाई देते हैं. बिहू, डांडिया, गणेश उत्सव और अब उत्तरायणी, दिल्ली 365 दिन उत्सवों का शहर है. उन्होंने दोहराया कि सरकार विकास भी, विरासत भी के सिद्धांत के साथ दिल्ली को आगे बढ़ा रही है.

उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड से जुड़े सभी भाई-बहनों को उत्तरायणी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार सदैव आपके साथ है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि दिल्ली को मिलकर सजाया, संवारा और सशक्त बनाया जाएगा.

माघ माह में मनता है उत्तरायणी पर्व

उत्तरायणी पर्व हिंदू पंचांग के पवित्र माघ माह में मनाया जाता है. उत्तराखंड में इस पर्व को खिचड़ी संक्रांति, घुघुतिया त्योहार तथा अन्य स्थानीय नामों से भी जाना जाता है. उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपरा में मेलों का विशेष स्थान है, जिनके माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्थानीय परंपराएं, कला और सांस्कृतिक विविधता प्रदर्शित होती हैं. उत्तरायणी कौथिग मेला कुमाऊं क्षेत्र में माघ माह की मकर संक्रांति के दिन आयोजित होता है और इसका सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व अत्यधिक है.

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