सफेद कफ़न में लिपटा तेहरान: 2500 मौतें, 18000 गिरफ्तारियां और थमती नहीं विरोध की आग

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन को आज 18 दिन हो चुके हैं. लेकिन हालात सुधरने के बजाय और ज्यादा भयावह होते जा रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक इन प्रदर्शनों में 2,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इस पूरे घटनाक्रम का सबसे डरावना पहलू है 26 साल के इरफान सुलतानी का मामला.

द गार्डियन के मुताबिक, इरफान को 8 जनवरी को प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. ईरान सरकार ने 11 जनवरी को उन्हें दोषी करार देते हुए बताया कि उन पर मोहारेबेह (भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ना) का आरोप है. खबर है कि आज उन्हें सरेआम फांसी दी जा सकती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, न उनका कोई ढंग का ट्रायल हुआ है न कोई वकील दिया गया है. इस बीच ट्रंप ने भी धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई तो अंजाम बुरे होंगे.

ट्रंप की चेतावनी, व्हाइट हाउस में बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी देती है तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा. अमेरिकी विदेश मंत्रालय का दावा है कि ईरान इरफान सुलतानी को फांसी देने की योजना बना रहा है. इसी मुद्दे पर ट्रंप ने व्हाइट हाउस में उच्चस्तरीय बैठक भी की. इससे पहले ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पर प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अपील की, साथ ही ये भी कहा कि अमेरिकी मदद रास्ते में है. जिससे इन चर्चाओं को और बल मिला कि अमेरिका जल्द ही ईरान में कुछ बड़ी कार्रवाई कर सकता है.

पूरे ईरान में प्रदर्शन, 31 प्रांतों में 600 से ज्यादा घटनाएं

ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के सभी 31 प्रांतों में अब तक 600 से ज्यादा विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं. CNN की रिपोर्ट बताती है कि मरने वालों की संख्या 2400 से ज्यादा पहुंच चुकी है. वहीं, रॉयटर्स ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से यह आंकड़ा करीब 2000 बताया है. अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में फर्क जरूर है, लेकिन इतना साफ है कि यह ईरान के हालिया इतिहास का सबसे हिंसक दौर है.

12 हजार हत्याओं का दावा, सरकार पर गंभीर आरोप

ब्रिटिश वेबसाइट ईरान इंटरनेशनल ने दावा किया है कि बीते 17 दिनों में 12 हजार प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई है. वेबसाइट का कहना है कि यह ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार है. रिपोर्ट के मुताबिक,ज्यादातर मारे गए लोग 30 साल से कम उम्र के थे. अधिकतर हत्याएं रेवोल्यूशनरी गार्ड्स और बसीज फोर्स ने कीं. ये सब कथित तौर पर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के आदेश पर हुआ. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सरकार इंटरनेट और कम्युनिकेशन बंद कर सच्चाई को दुनिया से छिपाने की कोशिश कर रही है.

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी दिवाली की शुभकामनाएं, इस साल भी जवानों के साथ मनाएंगे पावन पर्व     |     भारत में बाल विवाह के आंकड़ों में आई गिरावट, फिर भी पश्चिम बंगाल और बिहार में स्थिति गंभीर— जानें रिपोर्ट     |     ब्रेकअप के बाद एक्स गर्लफ्रेंड की हर हरकत जानने के लिए पुलिस विभाग में डाली 97 आरटीआई, हैरान करने वाला मामला     |     कर्नाटक के बेलगावी में सनसनीखेज वारदात, एसएसबी जवान प्रेमी ने 23 वर्षीय युवती की गला घोंटकर की हत्या     |     कटिहार में चर्चित शाहरुल अपहरण और हत्याकांड मामला, अदालत ने 6 दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा     |     कोलकाता में तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने पुलिस कमिश्नर से मांगा इस्तीफा     |     भदोही में ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, दो भाइयों ने की 12वीं की छात्र बहन की गला घोंटकर हत्या     |     न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में बाल-बाल बची टीम इंडिया, बारिश और DLS नियम के सहारे 4 रन से जीता मुकाबला     |     दिवाली 2026 पर घर लाएं सही लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, जानें खरीदने और स्थापना के जरूरी नियम     |     सोनिया गांधी का बड़ा खुलासा, बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थीं— इंदिरा गांधी की इमरजेंसी को माना गलती     |