आतंकी मसूद अजहर का नया पैंतरा; ऑडियो जारी कर सुनाया भारतीय कैद का किस्सा

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का एक और ऑडियो सामने आया है. इस ऑडियो में आतंकी ने IC 814 के हाईजैक होने के बाद की कहानी सुनाई है. मसूद अजहर भारत में जेल में बंद था. लेकिन, IC 814 के हाईजैक होने के बाद आतंकियों ने मसूद अजहर की रिहाई का दबाव बनाया था. इस ऑडियो में मसूद अजहर बता रहा है कि कैसे उसे भारत की जेल से ले जाया गया था.

मसूद अजहर ने ऑडियो में कहा, मुझे याद है मेरी रिहाई से पहले दिल्ली से कुछ अफसर आए. मुझे टटोलने लगे कि इसका जज्बा है या खत्म हो गया है. मुझे कहने लगे कश्मीर में जिहाद खत्म हो जाएगा या नहीं. मैंने कहा 50 साल भी हो जाए तब भी खत्म नहीं होगा.

बताई IC 814 की कहानी

मसूद अजहर ने ऑडियो में कहा, मैंने कहा हमारी मां हर दिन जिहाद की लोरी सुनाती हैं. हमारे पास कुरान मौजूद है. तुम दीवारों से जिहाद मिटा दो. कुरान की आयतों से तो नहीं मिटा सकोगे. मुझसे पूछा गया कि कुरान में जिहाद है. मैंने कहा कि कुरान की हर आयतों में जिहाद है और हर मुसलमान पढ़ता है और समझता है.

उसने कहा कि तुम चंद मुजाहिद हमारा क्या बिगाड़ लोगे, मैंने कहा 10 साल में तुमने मुजाहिदों का क्या बिगाड़ लिया है. काफी बातें हो गई आखिर में वो कहता है मौलाना तुमको तो इंडिया में ही रहना है. जमीन की तरफ इशारा करता था कि तुम्हारी कब्र यहां बनी है. ये अल्लाह का कर्म है जसवंत सिंह उस दिन 70 घंटे जागता रहा. जब तैयारा अगवा हो चुका था. उनकी कब्रें वही बन गई और फिर मुझे आकर कहते हैं मौलाना तुम्हें जाना है.

“खुद मुझे बिठाकर लाए”

मैंने कहा जरा आराम करने दो वुजू करने दो, मैंने वुजू किया. साथियों से मुलाकातें की ,खुद अपने तैयारे में बिठाकर लाए. कोई बोर्डिंग नहीं था, कोई वीजा नहीं था, कोई पासपोर्ट नहीं था कोई इमिग्रेशन नहीं था, खुदा की कसम तलाशी भी नहीं थी. वो इतने डरे हुए थे, सहमे हुए थे मेरी आंखों में पट्टियां बांध दी, मेरे हाथ बांध दिए. हाथ में हथकड़ियां डाल दी.

कैसे हुआ था रिहा?

मसूद अजहर भारत से 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के अपहरण के बाद रिहा हुआ था. दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 (काठमांडू से दिल्ली) का अपहरण कर लिया गया था. विमान में करीब 180 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे. अपहरणकर्ता विमान को अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए अफगानिस्तान के कंधार ले गए, जो उस समय तालिबान के नियंत्रण में था.

अपहरणकर्ताओं ने यात्रियों की रिहाई के बदले भारत सरकार के सामने शर्त रखी कि भारत जेल में बंद कुछ आतंकियों को छोड़े. लंबे तनाव, अंतरराष्ट्रीय दबाव और यात्रियों की जान के खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने समझौता किया. 31 दिसंबर 1999 को भारत ने तीन आतंकियों को रिहा किया:

1. मसूद अजहर 2. अहमद उमर सईद शेख 3. मुश्ताक अहमद जरगर

इसके बदले सभी यात्रियों और क्रू को छोड़ा गया. रिहाई के बाद मसूद अजहर पाकिस्तान चला गया. बाद में मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद नामक आतंकी संगठन बनाया. यह संगठन भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा, जिनमें संसद हमला (2001) और पुलवामा हमला (2019) शामिल हैं.

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