उत्तराखंड में शीत लहर की दस्तक: केदारनाथ में पारा शून्य से नीचे, हेमकुंड साहिब बर्फ से ढका, वीकेंड पर भारी बर्फबारी का अलर्ट

उत्तराखंड में अचानक ठंडक बढ़ गई है. इस मौसम में जब लोग हल्की ठंड की उम्मीद कर रहे थे, तभी मौसम ने करवट ले लिया और पहाड़ी इलाकों में सर्दी बढ़ा दी है. हालांकि, निचले इलाकों में मौसम साफ और शुष्क है, लेकिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

मौसम विभाग के मुताबिक, ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के मंदिरों में भारी बर्फबारी हुई है. इसका असर निचले इलाकों में भी देखने को मिल रही है. यही कारण है कि अक्टूबर के मध्य में ही दिसंबर जैसी ठंड महसूस की जा रही है.

केदारनाथ में तापमान शून्य से नीचे

मौसम विभाग के अनुसार, लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद गुरुवार को पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम कुछ समय के लिए साफ हुआ. हालांकि, ऊपरी इलाकों में बर्फबारी जारी रही. केदारनाथ घाटी में 5 से 6 इंच तक बर्फ जम गई है. आमतौर पर अक्टूबर में इतनी बर्फ टिकती नहीं, लेकिन इस बार पहाड़ों, रास्तों और हेलीपैड पर सफेद चादर बिछी दिख रही है. हेलीकॉप्टर सेवाएं चालू रखने के लिए मशीनों से बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है.

केदारनाथ में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है. ये अक्टूबर के लिए असामान्य है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड और बढ़ेगी. इससे ट्रैकिंग रूट फिसलन भरे और खतरनाक हो सकते हैं.

हेमकुंड साहिब बर्फ से ढका

हेमकुंड साहिब में बर्फबारी और भी ज्यादा हुई है. मंदिर परिसर में दो फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है और हेमकुंड से अटलकोटी तक तीन किलोमीटर लंबे रास्ते पर भी मोटी परत बिछ गई है. आज दोपहर 1 बजे हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए औपचारिक रूप से बंद कर दिए जाएंगे.

इस साल हेमकुंड साहिब में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. दो लाख से अधिक लोगों ने यात्रा की. बद्रीनाथ और केदारनाथ में भी इस सीजन में अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिल रही है.

कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य के अन्य हिस्सों में अगले दो हफ्तों तक मौसम साफ रहने की संभावना है. हालांकि, ऊंचे इलाकों में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. सड़क संपर्क पर असर पड़ रहा है और पिघलने-जमने की प्रक्रिया से भूस्खलन या पत्थर गिरने की घटनाएं रास्तों को और बाधित कर सकती हैं. यात्रियों और श्रद्धालुओं को जल्द लौटने या यात्रा पूरी करने की सलाह दी जा रही है.

केदारनाथ और हेमकुंड में बर्फबारी ने तीर्थयात्रियों के मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हालांकि, दूसरी ओर मनमोहक नजारे भी देखने को मिल रहे हैं. घाटी में सफेद चादर, बर्फ से लदे पेड़ों और शांत ढलानों पर चलने का अनुभव श्रद्धालुओं को अद्भुत लग रहा है. इस बीच प्रशासन ने चेतावनी जारी की है.

क्या है प्रशासन की तैयारी?

प्रशासन ने ठंड से निपटने के लिए इंतजाम तेज कर दिए हैं. सुरक्षा और बचाव टीमें अलर्ट पर हैं. मार्गों की निगरानी की जा रही है, हिमस्खलन वाले इलाकों पर नजर रखी जा रही है और ऊंचे रास्तों पर आपातकालीन शेल्टर तैयार किए जा रहे हैं. यात्रियों को सलाह दी गई है कि रात या अधिक ठंड के समय यात्रा से बचें, गर्म कपड़े रखें और मौसम की जानकारी लेते रहें.

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