शाजापुर। सोमवार को ईद उल फ़ितर का त्योहार उल्लास के साथ मनाया गया। गिरवर स्थित ईदगाह मस्जिद की प्रमुख नमाज़ के सजदे में सर झुकाकर हज़ारों मुस्लिम समाजजनों ने ख़ुदा का शुक्र अदा कर सबकी ख़ैर मांगी। इसके साथ ही एक माह से चल रहे रमज़ान ईद उत्सव के साथ अनुशासन, शांति, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देकर संपन्न हुए।
रमजान का महीना पूरा होने के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद उल फितर का त्योहार मनाया गया। ईद का त्योहार समाज में एकता, सद्भावना और धार्मिकता के महत्व को बढ़ावा देता है। इसके माध्यम से मानवता के मूल्यों की प्रतिष्ठा की जाती है और सभी के बीच एक अद्वितीय बंधन का उत्सव मनाया जाता है। रमजान का महीना गुजरने के बाद ईद के दिन बेहद खुशनुमा माहौल देखने को मिला। प्रमुख नमाज प्रातः 8:30 बजे ग्राम गिरवर स्थित ईदगाह मस्जिद में अदा की गई। जहां हाफिज अ. ग़फ्फार साहब ने नमाज पढ़ाई, खुतबा शहर काजी मोहसिन उल्ला साहब ने बयान किया।
नमाज के पूर्व ईद के महत्त्व के साथ सदभावना और भाईचारे का संदेश काजी एहसान उल्ला साहब, नायब काजी रेहमत उल्ला साहब ने देकर जिलेवासियों को मुबारक़बाद पैश की। अंजुमन कमेटी के सदर हाजी नईम कुरैशी, कोषाध्यक्ष हाजी इब्राहिम पठान, मिर्ज़ा सलीम बेग, हबीब कुरैशी, शेख शमीम सम्मू, इमरान खरखरे, मूसा आज़म खांन, जुनैद मंसूरी, बाबू भाई एरिगेशन, मिर्ज़ा सोहराब बेग ने शहर काजी, ईमाम और नायब काजी को दस्तार बांधकर मुस्लिम समाज की जानिब से इस्तक़बाल कर मुबारक़बाद पैश की।
एसपी एसडीएम ने शुभकामनायें दीं
मुस्लिम समाज के सबसे बड़े पर्व ईद की एसपी यशपाल सिंह राजपूत एसडीएम मनीषा वासकले ने बधाई दी। एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने बधाई देते हुए कहा कि ईद सभी को शांतिपूर्ण जीवन जीने और समाज की समृद्धि के लिए कार्य करने के लिए प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र माह के बाद मनाया जाने वाली ईद आपसी प्रेम, भाईचारा और करुणा सिखाती है। एसडीएम सुश्री वासकले ने कहा कि ईद पर्व एकता व भाईचारे के साथ संयम का संदेश देता है। हमें अपने जीवन में संयमित आचरण को अपनाकर एकता व सदभावना की ईद जैसे महान पर्व से प्रेरणा लेनी चाहिए।
काज़ी साहब अधिकारियों और समाजसेवियों का सम्मान
ईदगाह रोड़ पर आयोजित सम्मान समारोह में वर्षभर त्योहारों के आयोजनों को हिन्दू मुस्लिम एकता, भाईचारे और सौहार्द के साथ विशेष प्रयास कर संपन्न कराने पर अंजुमन कमेटी ने काज़ी एहसान उल्ला साहब, काज़ी मोहसिन उल्ला साहब, हाफ़िज़ अब्दुल ग़फ्फार साहब, नायब काज़ी रेहमत उल्ला साहब, एडिशनल एसपी टीएस बघेल, एसडीएम मनीषा वासकले, एसडीओपी गोपाल सिंह चौहान, कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बघेल, समाजसेवी सीताराम सिंह पवैया, राजेश पारछे, रमजान माह में सेहरी के लिए जगाने वाले पं. विलेश व्यास को साफ़ा, शाल भेंट कर मुस्लिम समाज की ओर से सम्मान किया। इस मौक़े पर सदर हाजी नईम कुरैशी, हाजी सेठ इब्राहिम पठान, मूसा आज़म खांन, जुनैद एहमद मंसूरी, हाजी हबीब कुरैशी, बाबू भाई एरिगेशन, इरशाद नागौरी, डॉ. मौजूद मोहम्मद कुरैशी, कुरबान भाई मंसूरी, सोहेल मंसूरी बुलेट मास्टर, शेख गोलू राठी, सलमान एहमद, शेख रईस, राशिद खांन, फैज़ल हैयर सेलून, शेख आमीन, इमरान वारसी, तनवीर खांन, अरबाज़ मंसूरी, अजीम खांन, शेख राशीद, सद्दाम खांन, राजा अब्बासी, वसीम खांन, समीर खांन, शादाब मंसूरी, इरफान मंसूरी, जुनैद मंसूरी, सलमान वारसी, अरबाज़ मंसूरी, अरशद मंसूरी, वासिद पठान, साहिल मंसूरी, इमरान खांन, फैज़ान खांन, अनवर पठान
इरशाद अब्बासी, शादाब खांन, गब्बर खांन, फैज़ान शाह, इमरान मंसूरी, शेख रफीक, टीपू मेव, अरशद लाला, समीर खांन, बाबू शीसगर, इरसाद खांन, शेख यासीर, अली असगर, अररू मंसूरी, शोहेल खांन, शोएब खांन, गुफरान मंसूरी, अल राजा खांन सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।
ईदगाह में ईद की नमाज का महात्व
ईद की नमाज ईदगाह पर पढ़ना ही श्रेष्ठ माना जाता है। पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब से पहले ईदगाह पर जाकर नमाज पढ़ने का चलन नहीं था। उनके समय से ही ईदगाह पर नमाज पढ़ने की शुरुआत हुई। ईदगाह पर नमाज अदा करने से न सिर्फ इस्लामिक कल्चर बना रहता है, साथ ही अलग-अलग इलाकों के लोग एक जगह पर नमाज अदा करते हैं तो इससे भाईचारा और सौहार्द भी बढ़ता है। ईद की नमाज में गरीब हो या अमीर, हर कोई एक कतार में नमाज तो अदा करता ही है, गले लगकर एक दूसरे को मुबारकबाद भी देता है। ईदगाह में नमाज के बाद पूरे विश्व में अमन शांति के लिए दुआ की गई। ईद के मौके पर गिरवर स्थित ईदगाह मस्जिद क्षेत्र में ईद का मेला भी लगा। यहां बच्चों के खिलौने से लेकर खाने-पीने के कई स्टॉल लगाये गये। ईद के पकवानों की खास दुकानें भी सजाई गईं थीं।
जगह जगह स्वागत कर शरबत बांटा
ईदगाह में हज़ारों की संख्या में पहुंचे लोगों के लिए रास्ते भर पानी-शरबत और स्वागत की व्यवस्था की गई थीं। अंजुमन कमेटी ने ईदगाह रोड़ पर नमाज़ियों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। वहीं काज़ी साहब और ईमाम साहब का सम्मान किया। ज़िला प्रशासन ने ईद का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाने को लेकर माकूल इंतज़ाम किये थे। नगर पालिका ने सफाई के साथ पीने के पानी के टेंकर रखे। जबकि पुलिस ने सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की। सभी के प्रयास से ईद का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ शांति पूर्वक संपन्न हो गया।