शाजापुर
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कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने आज चिकित्सा अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में होने वाली बाल मृत्यु के कारणों की समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि बच्चे की घर में या अस्पताल लाते समय रास्ते में मृत्यु नहीं होनी चाहिए। अगर बच्चे में बीमारी के गंभीर लक्षण हो तो उसे उपचार के लिए तत्काल अस्पताल भेजें। ज्यादा गंभीर बच्चों का चिन्हांकन कर चिकित्सा अधिकारी तत्काल उपचार प्रारंभ करें।
बाल मृत्यु कम करने के लिए कलेक्टर ने निर्देश दिये कि माताओं एवं उनके परिजनों के साथ आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एक साथ काउंसलिंग करें, ताकि समय रहते बच्चे को अस्पताल पहुंचाकर उसका उपचार किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि बच्चों की मृत्यु के आंकड़ों में सुधार करें।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुश्री नीलम चौहान को निर्देश दिए कि वे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित करे कि उनके पास गर्भवती माताओं की संपूर्ण जानकारी हो व उनकी डिलेवरी के पश्चात समय समय पर बच्चों के स्वास्थ की जानकारी लेते रहें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनिश्चित करें कि उपस्वास्थ केंद्रवार होने वाली सेक्टर बैठकों में क्षेत्रीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सीडीपीओ को भी बुलाए। इन बैठकों में गर्भवती माताओं को स्तनपान की जानकारी देने, आशा व एएनएम एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिये। इस दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाईन से प्राप्त लंबित शिकायतों के निराकरण करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. अजय साल्विया, सिविल सर्जन डॉ. एमके जोशी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुमित यादव, डीपीएम श्री शैलेन्द्र सोनी, खण्ड चिकित्सा अधिकारीगण, खण्ड समन्वयक, सीडीपीओ आदि उपस्थित थे।
Directorate of Health Services, Madhya Pradesh
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