शाजापुर कलेक्ट्रेट में रबी वर्ष 2023-24 एवं खरीफ 2024 की तैयारियों की समीक्षाकलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने की
शाजापुर, 17 मई 2024/ कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने आज कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी एवं सहकारिता विभाग की रबी वर्ष 2023-24 एवं खरीफ 2024 की तैयारियों की समीक्षा की।
कलेक्टर सुश्री बाफना ने कृषि विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए रासायनिक उर्वरकों का उपयोग एवं वर्ष 2024 के लिए उर्वरकों की आवश्यकता की समीक्षा की। उपसंचालक कृषि श्री केएस यादव ने बताया कि खरीफ बुवाई के संबंध में डीएपी की आवश्यकता अधिक होती है। इस मौके पर स्वाईल मेप के अनुसार भूमि के पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए इसके अनुरूप ही किसानों को आवश्यक तत्व खेतों में डालने की सलाह दी जाती है। इस अवसर पर सोयाबीन बीज वितरण एवं सप्लाई के तरीकों की जानकारी कृषि उपसंचालक ने दी। बैठक में नवीन तकनीकी के उपयोग के संबंध में किसानों को सोयाबीन रेज्डबेडफरों तकनीक के उपयोग की सलाह दी जाती है। उत्पादन के संबंध में आने वाली समस्याओं एवं उसके निदान के बारे में भी किसानों को बताते हुए नरवाई न जलाते हुए हैप्पी सीडर के माध्यम से सीधे बुवाई करने एवं स्ट्रीमर का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। भूजल स्तर में गिरावट के कारण किसानों को सोयाबीन की नवीन किस्मों की जानकारी दी जा रही है।
कलेक्टर ने निर्देश दिये कि किसानों को माइक्रो ईरिगेशन एवं जैविक खाद के उपयोग के लिए जागरूक करें। कस्टम हायरिंग सेंटर के संबंध में कलेक्टर ने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा। साथ ही जिला पंचायत द्वारा भी संचालित कस्टम हायरिंग सेंटर के साथ समन्वय करने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर ने “आत्मा” प्रबंधक को निर्देश दिये कि वे खरीफ फसलों के लिए योजनावार कार्यक्रम तैयार करें।
उद्यानिकी विभाग के कार्यों में कलेक्टर ने फल-सब्जी, मसाला, पुष्प, औषधीय पौधे, फल क्षेत्र में संतरा, मौसंबी, नीबू, अमरूद सहित सब्जी क्षेत्र के विस्तार के प्रस्तावित कार्यक्रमों की समीक्षा की। मछली विभाग के कार्यों की समीक्षा में कलेक्टर ने विभागीय अधिकारी को निर्देश दिये कि कृषि से संबंधित सभी बैठकों या सेमीनार में मछली विभाग का कम से कम 15 मिनिट का सेशन अवश्य कराएं। इस मौके पर कलेक्टर ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के अंतर्गत बने समस्त तालाबों में मछली पालन करने की योजना बनाने एवं इन तालाबों में मछली पालन का कार्य महिला स्वसहायता समूहों को देने के निर्देश दिये। साथ ही मछली पालन के लिए स्वसहायता समूहों को आरसेटी से प्रशिक्षण दिलवाने एवं एक्सपोजर विजिट कराने के लिए भी कहा।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने गौशालाओं के गोबर से जैविक खाद बनाकर विक्रय करने में गौशालाओं के संचालकों को प्रोत्साहित करने तथा बाजार उपलब्ध कराने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि गौशालाओं को आवंटित चारागाह की भूमि का उपयोग कर आय बढ़ाने एवं पशु आहार के लिए बर्सीम आदि लगाने के निर्देश दिये। सहकारिता विभाग की समीक्षा में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित की अल्पावधि रबी फसल ऋण वितरण एवं वसूली पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने वसूली के लिए क्षेत्र के तहसीलदारों से चर्चा करने एवं एक-एक प्रकरण की अद्यतन रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये। समर्थन मूल्य के अंतर्गत समितियों को नोडल ऐजेंसी से विगत वर्षों में प्राप्ती एवं शेष राशि की भी समीक्षा हुई। दुग्ध समिति के कार्य की समीक्षा में कलेक्टर ने कहा कि विक्रय बढ़ाने के लिए प्रयास करें। साथ ही जिन पार्लर्स में सांची उत्पाद का विक्रय नहीं के बराबर हो रहा है, ऐसे पार्लर के आवंटन निरस्त करने के प्रस्ताव दें।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. जीआर अम्बावतिया, डॉ. एस.एस धाकड़, उद्यानिकी श्री मनीष चौहान एवं पशुपालन डॉ. एसके श्रीवास्तव, सहकारिता उपायुक्त श्री ओपी गुप्ता, सीसीबी सीईओ श्री विशेष श्रीवास्तव, आत्मा प्रबंधक डॉ. स्मृति व्यास, जिला प्रबंधक मार्केटिंग श्री प्रवीण रघुवंशी, दुग्ध समिति प्रबंधक श्री मुकेश कारपेंटर, कृषि इंजीनियर श्री अंशुल कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

