राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंचने के लिए ‘‘एक राष्ट्र, एक झंडा, एक राष्ट्रगान” की थीम के साथ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगा। संगठन ने बुधवार को एक बयान में कहा कि अभियान के तहत एमआरएम स्वयंसेवक समुदाय के सदस्यों के बीच ‘‘सच्चा मुसलमान, अच्छा नागरिक” का संदेश फैलाएंगे।
आरएसएस से जुड़े संगठन ने कहा कि आठ जून से 11 जून तक भोपाल में एमआरएम स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उसने कहा कि आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य इंद्रेश कुमार प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। वह एमआरएम के मुख्य संरक्षक भी हैं। एमआरएम ने कहा कि पिछला प्रशिक्षण कार्यक्रम 2021 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में आयोजित किया गया था और इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल और वरिष्ठ पदाधिकारी राम लाल ने भाग लिया था।
देशभर में अभियान शुरू करेंगे
एमआरएम के प्रवक्ता शाहिद सईद ने कहा, “2024 के आम चुनाव से पहले आरएसएस का मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ‘एक राष्ट्र, एक झंडा, एक राष्ट्रगान और एक कानून’ के विचार को मुस्लिम समुदाय तक पहुंचाने के लिए देशभर में अभियान शुरू करेगा।” सईद ने कहा कि एमआरएम ने मध्य प्रदेश में मुसलमानों की ‘‘बड़ी आबादी” को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राज्य की राजधानी भोपाल को चुना है।
मुस्लिम वोट भाजपा से दूर जा रहा
एमआरएम प्रवक्ता ने कहा, “(मध्य प्रदेश में) मुस्लिम वोट भाजपा से दूर जा रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर और मध्य विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इन दोनों सीटों पर मुस्लिम आबादी ज्यादा है। उत्तर भोपाल कांग्रेस का गढ़ बन गया है।” मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।