उत्तराखंड में बर्फबारी के बीच दुर्लभ नजारा…नजर आया दुर्लभ ‘स्नो लेपर्ड’

भारत में दुनिया के सबसे अधिक बाघों की संख्या आंके जाने के बाद अब एक और अच्छी खबर है कि उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ‘स्नो लेपर्ड’ (हिम तेंदुओं) की भी संख्या बढ़ रही है। मंगलवार को नन्दा देवी बायोस्फियर रिजर्व वन क्षेत्रांतर्गत सुमना में एक स्वस्थ और दुर्लभ तेंदुआ आराम से विचरण करते हुए दिखाई दिया। नन्दा देवी वन्य प्रभाग प्रभागीय वनाधिकारी बी बी मर्तोलिया ने भी इस बात की पुष्टि की कि नन्दा देवी वन्य प्रभाग के रिजर्व वन क्षेत्र में मंगलवार को स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुआ) दिखाई दिया।

भारत तिब्बत चीन सीमा क्षेत्र में भारत की सीमा क्षेत्र के अंतर्गत सुमना में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने सबसे पहले मंगलवार को सुमना की पठ्ठआरई चट्टानों पर इस स्वस्थ स्नो लेपर्ड को आराम से विचरण करते हुए देखा। जानकारी देते हुए नन्दा देवी वन प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी बी बी मर्तोलिया ने बताया इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। और रेंज आफिसर समेत वन विभाग की टीम ने दुर्लभ और संरक्षित हिम तेंदुए को अपनी लिस्ट में अंकित किया। चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्नो लेपर्ड की संख्या अच्छी है। नन्दा देवी वन प्रभाग के अंतर्गत ही फूलों की घाटी से लेकर सुमना, रिमखिम और अकेले इस सम्पूर्ण वन क्षेत्र में ही 15 से 20 हिम तेंदुए (स्नो लेपर्ड) की सम्भावना है।

और ये भी पढयह जानकारी देते हुए नन्दा देवी वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया नन्दा देवी वन प्रभाग के तहत स्नो लेपडर् की संख्या 15 से 20 के बीच होने की सम्भावना है। इनके समेत सभी वन्य प्राणियों की रक्षा के लिए वन विभाग हर वक्त सजग रह कर चौकसी करता है। केदारनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत रुद्रनाथ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी स्नो लेपर्ड पाए जाते हैं। गौरतलब है कि ‘स्नो लेपर्ड’ दुर्लभ वन्य प्राणी है।

भारत के उच्च हिमालयी क्षेत्रों के अलावा चीन, तिब्बत , भूटान , रूस के हिमालयी क्षेत्रों सहित यूरोप के देशों में भी स्नो लेपर्ड पाया जाता है। कोई 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाये जाना वाला हिम तेंदुआ (स्नो लेपर्ड) बफीले इलाके में पाया जाता है। इसकी लम्बाई 1.4 मीटर होती होती है। और पूंछ 90 से 100 सेंटीमीटर होती है। इसका वजन 75 किलो ग्राम तक होता है। इसकी खाल पर सफेद और स्लेटी फर होता है। तथा लाल धब्बे होते हैं। और पूंछ पर धारियां होती हैं।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

15 साल का इंतजार और अब ‘इंकलाब’! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा; अपनी ही जमीन के पट्टे के लिए दर-दर भटक रहे ‘जंगल के राजा’     |     सतना में जल संकट पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा ‘एक्शन’! अब टैंकरों से घर-घर पहुँचेगा पानी; मंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश     |     छतरपुर की बेटियों का दिल्ली में डंका! 3 महिला सरपंचों ने बदल दी गांव की तस्वीर; अब केंद्र सरकार के सामने देंगी अपना ‘सक्सेस मॉडल’     |     Chhatarpur LPG Raid: छतरपुर में अवैध गैस भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, एक घर से 21 रसोई गैस सिलेंडर जब्त; कालाबाजारी की कोशिश नाकाम     |     Jiwaji University Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी की वरिष्ठता सूची में बड़ी लापरवाही, मृतकों और सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम शामिल; मचा हड़कंप     |     भोपाल में फिल्मी स्टाइल में लूट! बीच सड़क प्रॉपर्टी डीलर की कार रोकी, चाकू अड़ाकर ₹55 लाख से भरा बैग ले उड़े बदमाश; इलाके में नाकाबंदी     |     गैस संकट का साइड इफेक्ट! इंदौर की शादियों में अब लकड़ी-कंडे पर बनेगा खाना; प्रशासन ने कमर्शियल सिलेंडर पर लगाई रोक, जानें नई गाइडलाइंस     |     Health System Failure: रास्ते में खराब हुई एंबुलेंस, घंटों धूप में पड़ा रहा किडनी का मरीज; सरकारी दावों की खुली पोल     |     Maihar Bus Fire: मैहर में धू-धू कर जली स्लीपर बस, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान; देखें हादसे का लाइव वीडियो और वजह     |     Crime News: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, एक्सीडेंट दिखाने के लिए शव पर रखी बाइक; 30 दिन में उजड़ा सिंदूर     |