उज्जैन विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में फिर एक नया प्रयोग , भस्मारती के बाद श्रद्धालुओं के मोब पर आएगा फीडबैक फोन

उज्जैन,,

विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर में लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से बाबा महाकाल की दिव्य अलौकिक भस्म आरती में शामिल होने और दर्शन करने आते हैं

बाबा महाकाल की दिव्य अलौकिक भस्म आरती के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन महाकाल मंदिर प्रबंध समिति से परमिशन बनवा कर ही भस्म आरती में प्रवेश लिया जाता है भस्म आरती में दलालों के द्वारा श्रद्धालुओं को परमिशन बनवाने के नाम से मोटी रकम ली जाती है हर दिन कोई न कोई श्रद्धालुओं भस्मारती के नाम ठंग सा महसूस करता है इसलिए अब ये सहारा लिया जा रहा है

आरती खत्म होने के बाद मोबाइल पर आएगा फीडबैक फ़ार्म और फोन, पूछेंगे 5 सवाल

महाकाल मंदिर समिति श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल्द ही एक नया प्रयोग करने जा रही है। जिससे भस्म आरती परमिशन को लेकर हो रही कालाबाजारी पर रोक लगेगी साथ ही श्रद्धालुओं के अनुभव का फायदा भी मिलेगा। एक दो दिन के बाद से ही सुविधा शुरू होगी जिसके तहत भस्म आरती में शामिल हुए श्रद्धालुओं के पास मैसेज या फोन आएगा जिसमे 5 सवाल पूछे जायेंगे। इसमें ये भस्म आरती के अनुभव के साथ साथ ये भी पूछा जायेगा की आपकी आरती की परमिशन किसने बनवाई और इसके लिए आपसे कितनी राशि ली गई।

विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना सुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते है। भस्म आरती के नाम कई लोगो के साथ ठगी की घटना आये दिन होती है। महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अब महाकाल मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि जल्द ही महाकाल मंदिर के काल सेंटर से फोन द्वारा श्रद्धालुओं से फीडबैक लिया जाएगा। साथ ही परमिशन करवाने वाले सभी श्रधालुओ के पास एक फीड बेक मैसेज भी भेजा जाएगा। जिसको श्रद्धालु भर कर देंगे। इस मेसेज में महाकाल मंदिर और भस्म आरती से जुड़े 5 सवाल होंगे जिनको भरकर श्रद्धालु देंगे।

भस्म आरती अनुमति के नाम कालाबाजारी पर रोक

महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में भस्म आरती करना चाहते है। लेकिन रोजाना मात्र 1600 भक्तों को ही आरती के लिए अनुमति मिलती है। ऐसे में कई लोग आरती के नाम पर भोले भाले श्रद्धालुओं के साथ ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। कई भक्तों ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद अब मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि जिस भक्त का परमिशन करते समय नंबर डाला गया था उसके पास फोन और एसएमएस के माध्यम से साड़ी जानकारी ली जाए और उनसे 5 सवालों के उत्तर लेकर मंदिर की व्यवस्था को ठीक किया जा सके।

भस्म आरती के ख़त्म होने के बाद शामिल होने वाले भक्तों के पास 2 से 3 घंटे के बीच एक फीडबैक फ़ार्म आएगा जिसमे 5 सवाल होंगे। इन सवालों के जवाब से मंदिर समिति अपनी व्यवस्था को दुरस्त करेगी।

1 भस्म आरती में आपका अनुभव कैसा था।

2 भस्म आरती की परमिशन आपने किसके माध्यम से करवाई।

3 भस्म आरती की परमिशन के लिए आपको कितना शुल्क देना पड़ा।

4 कोई असुविधा तो नहीं हुई।

5 आरती की परमिशन के लिए आपसे तय शुल्क से ज्यादा रुपए की डिमांड तो नहीं की गई।

भस्म आरती के नाम से श्रद्धालुओं को दलालों के द्वारा ठगी को रोकने के लिए यह प्रयास महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप सोनी के द्वारा किया जा रहा है देखना यह होगा कि यह प्रयास मंदिर प्रशासक के लिए कितना आसान होता है

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