सरकार में जारी किया- कोविड-19 : मिथक बनाम तथ्य, देखें खास रिपोर्ट

कोविड-19 : मिथक बनाम तथ्य

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए क्षय रोग (टीबी) की जांच और पहचान किए गए सभी टीबी मरीजों के लिए कोविड-19 परीक्षण की सिफारिश की है

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीबी-कोविड और टीबी-आईएलआई/एसएआरआई की द्वि-दिशात्मक जांच की जरूरत को दोहराने के लिए कई सलाह और मार्गदर्शन जारी किए हैं

टीबी के मामलों में बढ़ोतरी को कोविड-19 से जोड़ने के लिए साक्ष्यों की कमी है

Posted Date:- Jul 17, 2021
हाल ही में, कुछ मीडिया में ऐसी खबरें आई हैं कि कोविड-19 से संक्रमित मरीजों में क्षय रोग (टीबी) के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है, प्रत्येक दिन करीब एक दर्जन ऐसे ही मामले आने से चिकित्सक चिंतित हैं।

यह स्पष्ट किया जाता है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए क्षय रोग (टीबी) की जांच और पहचान किए गए सभी टीबी मरीजों के लिए कोविड-19 परीक्षण की सिफारिश की है। वहीं राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे अगस्त 2021 तक बेहतर निगरानी और टीबी व कोविड-19 के मामलों का पता लगाने के प्रयासों में एकरूपता लाएं।

इसके अलावा, मंत्रालय ने टीबी-कोविड और टीबी-आईएलआई/एसएआरआई की द्वि-दिशात्मक जांच की जरूरत को दोहराने के लिए कई सलाह और मार्गदर्शन भी जारी किए हैं। राज्य/केंद्रशासित प्रदेश इन्हें लागू कर रहे हैं।

कोविड-19 संबंधित प्रतिबंधों के प्रभाव के चलते, 2020 में टीबी के मामलों की अधिसूचना में लगभग 25 फीसदी की कमी आई थी, लेकिन सभी राज्य ओपीडी समायोजन में गहन मामले की खोज के साथ-साथ समुदाय में सक्रिय मामले की खोज अभियानों के माध्यम से इस प्रभाव को कम करने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं।

इससे अतिरिक्त, वर्तमान में यह बताने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं कि कोविड-19 के कारण टीबी के मामलों में बढ़ोतरी हुई है या मामले खोजने के प्रयासों में वृद्धि हुई है।

क्षय रोग (टीबी) और कोविड​​-19 की दोहरी रुग्णता को इस तथ्य के जरिए और अधिक सामने लाया जा सकता है कि दोनों बीमारियों को संक्रामक रोग के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से फेफड़ों पर हमला करते हैं और ये खांसी, बुखार व सांस लेने में कठिनाई जैसे समान लक्षण पैदा करते हैं, हालांकि टीबी से संक्रमित होने की अवधि लंबी होती है और इस बीमारी की शुरुआत की गति धीमी होती है।

इसके अलावा, टीबी के रोगाणु निष्क्रिय अवस्था में मानव शरीर में मौजूद हो सकते हैं और किसी भी कारण से व्यक्ति की प्रतिरक्षा कमजोर होने पर इसके रोगाणु में कई गुणा बढ़ोतरी होने की क्षमता होती है। समान रूप से ये चीजें कोविड के बाद के परिदृश्य में लागू होती हैं, जब वायरस के कारण या इलाज, विशेष रूप से स्टेरॉयड जैसे प्रतिरक्षा-कम करने वाली दवा के चलते किसी व्यक्ति की प्रतिरक्षा कम विकसित हो सकती है।

सार्स-सीओवी-2 संक्रमण एक व्यक्ति को सक्रिय टीबी बीमारी विकसित करने के लिए अधिक संवेदनशील बना सकता है, क्योंकि टीबी ब्लैक फंगस की तरह एक अवसरवादी संक्रमण है।

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

पूर्णिया में रिश्तों का कत्ल! हैवान ससुर ने गर्भवती बहू से की दरिंदगी की कोशिश, फिर मार डाला; मुर्गी फॉर्म में छिपाया शव     |     मार्च में मई जैसी आग! दिल्ली में पारा 36°C के पार, राजस्थान-गुजरात में ‘लू’ का अलर्ट; पहाड़ों पर बर्फबारी ने बढ़ाई हलचल     |     ग्रेटर नोएडा में फिर मातम: 13वीं मंजिल से कूदी MBA छात्रा! सुसाइड से पहले रात को हुई थी ये बात; परिवार ने बयां किया खौफनाक मंजर     |     Youtuber Pushpendra Murder Case: दिल्ली में यूट्यूबर पुष्पेंद्र की हत्या, शरीर के गायब अंगों ने उलझाई गुत्थी; पुलिस को ऑर्गन तस्करी का शक?     |     LPG Crisis in Delhi: दिल्ली के मशहूर पंचम पुरीवाला में गैस संकट, मिडिल ईस्ट वार ने बिगाड़ा 178 साल पुराना स्वाद; मेनू में भारी कटौती     |     बिहार में ‘राज्यसभा’ का रण: 5 सीटें और 6 दावेदार! क्या ओवैसी बनेंगे तेजस्वी के लिए ‘संकटमोचक’ या NDA मारेगी बाजी? जानें 5वीं सीट का पूरा गणित     |     संभल में शाही इमाम पर ‘बुलडोजर’ का साया! कोर्ट ने ठोका 6.94 करोड़ का जुर्माना; मस्जिद-दरगाह और घर को ‘अवैध’ घोषित कर बेदखली का आदेश     |     पीलीभीत में कुदरत का करिश्मा! श्मशान ले जाते समय गड्ढे ने बचाई जान; एम्बुलेंस को लगा झटका और ‘ब्रेन डेड’ महिला को आ गया होश     |     गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार! चूहों की तरह लाइनों में लगे लोग, ऑनलाइन बुकिंग भी फेल; जानें क्यों आई ‘LPG’ की भारी किल्लत और क्या हैं नए नियम?     |     सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! 12 साल से कोमा में थे हरीश राणा, अब मिलेगी ‘इच्छामृत्यु’; मौत की अर्जी पर अदालत ने लगाई मुहर     |