MP News Sheopur: दौलतपुर और कुराचोर खुर्द के स्कूलों से शिक्षक नदारद, मिड-डे मील पर भी उठे गंभीर सवाल
श्योपुर। मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए भले ही करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखंड के शासकीय स्कूलों की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। शनिवार को सामने आए मामलों में शासकीय प्राथमिक विद्यालय बांसरैया के बच्चे देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम तक सही से नहीं बता सके। इसके अलावा दौलतपुर और कुराचोर खुर्द के स्कूलों में निरीक्षण के दौरान शिक्षक भी गायब मिले, जिससे विभागीय निगरानी और शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
❓ बुनियादी शिक्षा से दूर बच्चे और सवालों के घेरे में शिक्षक: सहायक आयुक्त का नाम तक नहीं बता पाए पदस्थ गुरुजी
शासकीय प्राथमिक विद्यालय बांसरैया में जब बच्चों से सामान्य ज्ञान के सवाल पूछे गए, तो एक छात्रा ने प्रधानमंत्री के रूप में महात्मा गांधी और मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का नाम लिया। कई बच्चे गिनती, पहाड़े और बारहखड़ी जैसी बुनियादी चीजें भी नहीं बता पाए। हद तो तब हो गई जब स्कूल में पदस्थ शिक्षक वीर सिंह जाटव से उनके अपने विभाग के सहायक आयुक्त का नाम पूछा गया, तो वे भी इसका जवाब नहीं दे सके। वहीं, शासकीय प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर में ध्रुव सिंह सिकरवार और कुराचोर खुर्द में पदस्थ शिक्षक मौके से नदारद मिले। मिड-डे मील योजना में भी अनियमितताएं देखने को मिलीं। मामले पर कराहल बीईओ माता प्रसाद मौर्य ने कहा है कि जांच के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।