मंदसौर। शनिवार शाम को गरोठ-भानपुरा मार्ग स्थित श्री दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के मुख्य द्वार के पास एक दर्दनाक हादसा हो गया। ग्राम असावती से चुनर यात्रा में शामिल होने आए एक छह वर्षीय बालक को गेहूं से भरे तेज रफ्तार ट्रॉले ने अपनी चपेट में ले लिया। पिछले पहिये के नीचे आने से मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वाहन में तोड़फोड़ कर आग लगा दी और मुख्य मार्ग पर लंबा चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
👦 चुनर यात्रा से लौट रहे पूर्व सरपंच के पौते को बनाया निशाना: भवानीमंडी की तरफ से आ रहा था बेकाबू ट्रॉला
मिली जानकारी के अनुसार, शामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम असावती से ग्रामीण चुनर यात्रा लेकर श्री दूधाखेड़ी माताजी मंदिर पहुँचे थे। माताजी को चुनर अर्पित करने के बाद सभी वापस लौट रहे थे। ग्रामीणों के साथ असावती के पूर्व सरपंच का 6 वर्षीय पौता कार्तिक उर्फ पिंटू भी था। शाम करीब 5:30 बजे भवानीमंडी की तरफ से आ रहे गेहूं से भरे ट्रॉला (आरजे 09 जीबी 9035) के चालक ने मासूम पिंटू को कुचल दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
🔥 ग्रामीणों में भारी आक्रोश: ट्रक में लगाई आग, नवरात्र में भारी वाहनों की नो-एंट्री पर उठे गंभीर सवाल
बालक की दर्दनाक मौत से वहाँ मौजूद सैकड़ों ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने ट्रॉले में तोड़फोड़ कर उसमें आग लगा दी, जिससे केबिन और भरा हुआ गेहूं जलकर खाक हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते इस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है और पुलिस बल भी तैनात रहता है, ऐसे में प्रतिबंधित मार्ग पर यह ट्रॉला कैसे पहुँचा? सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे और कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।