Train Accident: रेल ट्रैक पर मेंटेनेंस के दौरान बड़ा हादसा, गोवा एक्सप्रेस की ट्रॉली से टक्कर से दो गैंगमैन की मौत
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के रेलवे ट्रैक पर मेंटेनेंस का काम कर रहे कर्मचारियों के लिए शुक्रवार की सुबह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित हुई। बेरछा और मक्सी के बीच झोंकर रेलवे फाटक के पास तेज रफ्तार गोवा एक्सप्रेस ट्रेन की एक मेंटेनेंस ट्रॉली से जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में दो रेल कर्मचारियों (गैंगमैन) की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
⚠️ डायवर्टेड रूट से आ रही थी गोवा एक्सप्रेस, लोको पायलट के हॉर्न बजाने के बावजूद नहीं हट पाई ट्रॉली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीर उमरोद और मक्सी के बीच रेलवे ट्रैक के रखरखाव (मेंटेनेंस) का कार्य चल रहा था, जिस दौरान ट्रॉली पर कुल पांच रेल कर्मचारी सवार थे। इसी बीच, डायवर्टेड रूट से गुजर रही गोवा एक्सप्रेस अचानक ट्रैक पर आ गई। हालांकि लोको पायलट ने ट्रेन का हॉर्न भी बजाया, लेकिन कर्मचारियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे समय रहते ट्रॉली को ट्रैक से हटा नहीं सके, जिसके चलते यह भयानक हादसा हो गया। इस दुर्घटना में भगवान सिंह बिलमा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दिलीप जायसवाल, विक्रम और सद्दाम गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत उज्जैन रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान दिलीप जायसवाल ने भी दम तोड़ दिया। गनीमत यह रही कि टीम लीडर मनोज वर्मा ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते ट्रॉली से कूदकर अपनी जान बचा ली।
🔍 रतलाम रेल मंडल ने दिए जांच के आदेश, सुरक्षा समन्वय पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले पर रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन नंबर 12780 ‘गोवा एक्सप्रेस’ पिछले 15 दिनों से डायवर्टेड रूट पर संचालित हो रही थी। अब रेलवे यह जांच कर रहा है कि क्या ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को इस बदले हुए रूट की जानकारी थी या नहीं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब रेलवे ट्रैक पर आधिकारिक रूप से मेंटेनेंस का काम चल रहा था, तो ट्रेन के आने और कर्मचारियों की मौजूदगी के बीच सुरक्षा का समुचित समन्वय और संवाद क्यों नहीं स्थापित हो पाया? जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असल वजह सामने आ सकेगी।