MP Tribal News: सेंधवा में छोटे और सीमांत किसानों ने लगाई गुहार, पारदर्शी सर्वे और ग्राम सभा के अधिकारों की मांग
सेंधवा: प्रस्तावित 6-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के सर्वे एवं भूमि से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के आदिवासी छोटे एवं सीमांत किसानों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतरसिंह आर्य के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस नई सड़क परियोजना से उनकी आजीविका पर संकट आ सकता है।
📄 पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों के पालन की उठी मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि इस प्रस्तावित मार्ग के सर्वे के कारण क्षेत्र के गरीब आदिवासी छोटे और सीमांत किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि के प्रभावित होने की पूरी आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि सर्वे एवं भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्त प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम सभा की वैधानिक प्रक्रिया और आदिवासी समुदाय से जुड़े सभी संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किए जाने की पुरजोर मांग की है।
📋 ज्ञापन में शामिल प्रमुख और महत्वपूर्ण मांगें
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
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प्रस्तावित 6-लेन मार्ग के सर्वे से प्रभावित होने वाली कृषि भूमि और किसानों की वर्तमान स्थिति की पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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प्रभावित आदिवासी छोटे एवं सीमांत किसानों को सर्वे और इस प्रस्तावित मार्ग से संबंधित सभी प्रकार की जानकारियां स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
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किसी भी प्रकार की निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बिना जमीन पर सर्वे करने अथवा पिलर गाड़ने की कार्रवाई न की जाए।
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ग्राम सभा के सभी वैधानिक अधिकारों तथा लागू होने वाले संवैधानिक प्रावधानों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
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प्रभावित किसानों द्वारा दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों और दावों को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर उनका उचित निराकरण किया जाए।
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प्रस्तावित मार्ग के निर्माण के लिए पहले से मौजूद वर्तमान सड़क व्यवस्था और अन्य उपलब्ध विकल्पों का नियमानुसार विधिवत परीक्षण किया जाए।
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नियमों या तय प्रशासनिक प्रक्रिया के किसी भी तरह के उल्लंघन की स्थिति में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त नियमानुसार कार्रवाई हो।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की रिपोर्ट मंगवाकर आदिवासी किसानों के हितों व अधिकारों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
🤝 आयोग की ओर से मिला सकारात्मक सहयोग का आश्वासन
यह ज्ञापन सौंपे जाने के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की ओर से किसानों को आश्वस्त किया गया है कि इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी संबंधित विभाग से ली जाएगी। साथ ही किसानों की इस समस्या के त्वरित और उचित समाधान के लिए आयोग की तरफ से हरसंभव आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। ग्रामीणों ने आयोग के इस सकारात्मक आश्वासन का स्वागत करते हुए यह उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग द्वारा इस मामले में जल्द ही उचित और न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।
👥 बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सरपंच राजेश, गेंदाराम दादा, बजारिया रावत, परसिया जाधव, कनारसिंग सोलंकी, चंदन सोलंकी, शिवजी किराड़े, हरचंद सोलंकी, विकास सोलंकी, निलेश सोलंकी, तेजासिंग जाधव, नितेश किराड़े, अनारसिंग जाधव, प्रदीप सोलंकी, बिसन किराड़े, आसम सोलंकी, अर्जुन जाधव, प्रवीण और विनोद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व अन्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।