MP Rain News : भोपाल-ग्वालियर में कोटा पूरा, इंदौर-उज्जैन तरसे! जानें मध्य प्रदेश के मौसम का पूरा हाल

भोपाल। सितंबर का महीना आधा बीत चुका है और मानसूनी सीजन के महज 15 दिन शेष बचे हैं। इस अवधि के दौरान मध्य प्रदेश में औसतन 88 फीसदी बारिश दर्ज की जा चुकी है।

इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के कुछ जिलों में तो बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई और झमाझम बारिश हुई, लेकिन कई जिले ऐसे भी रहे जहां बारिश का तय कोटा पूरा नहीं हो सका है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में मानसून ने जमकर पानी बरसाया, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का कोटा अब भी अधूरा है। आईएमडी (IMD) की मानें तो अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश में किसी भी स्थान पर भारी या अति भारी बारिश का कोई नया अनुमान नहीं है।

🌤️ 15 सितंबर से कमजोर हुआ मानसून सिस्टम: दो दिनों तक हल्की बारिश की संभावना

उल्लेखनीय है कि बीते चार दिनों से प्रदेश के पश्चिमी जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी था। इस दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में अच्छा पानी बरसा।

सोमवार को भी कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश देखने को मिली है। हालांकि, मंगलवार 15 सितंबर से बारिश का मुख्य वेदर सिस्टम कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। इसके प्रभाव से अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में केवल हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के ही आसार हैं।

⚖️ पूर्वी हिस्से में झमाझम बारिश, तो पश्चिमी हिस्सा तरसा: संभागवार आंकड़ों का गणित

मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन प्रदेश के पूर्वी हिस्सों—जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।

सागर के निवाड़ी जिले में कोटे से 49 फीसदी, मऊगंज में 44 फीसदी, सतना में 34 फीसदी और मैहर में 29 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज हुई। इसके विपरीत, प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश का आंकड़ा अनुमान के मुताबिक पूरा नहीं हो सका।

📉 32 जिलों में सामान्य से कम बरसा पानी: पश्चिमी एमपी के हालात चिंताजनक

प्रदेश के पूर्वी हिस्से (जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग) में कुल मिलाकर 1 फीसदी तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में औसतन 2 फीसदी से 25 फीसदी तक कम पानी गिरा है।

पिछले एक सप्ताह में बारिश की स्थिति में काफी सुधार हुआ था। कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आने से आंकड़ों में बढ़त दर्ज की गई और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा बेहतर स्थिति में पहुंचा, हालांकि सोमवार तक यह आंकड़ा घटकर माइनस 1 प्रतिशत पर आ गया।

वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश की बात करें तो आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा जिलों में औसत से 2 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक कम बारिश हुई है।

☔ 23 जिलों में दर्ज की गई सामान्य से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के केवल 23 जिलों में ही अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है:

  • पूर्वी संभाग: अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया।

  • पश्चिमी संभाग: आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी।

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