गर्मी में होगा ‘पैसों का धमाका’! घर पर उगाएं कलिंदर और ककड़ी; खाने के मजे के साथ घर बैठे होगी तगड़ी कमाई, जानें आसान तरीका

शहडोल : मार्च के महीने में जिस तरह की गर्मी पड़ रही है, उसे देखकर यही लग रहा है कि आगे आने वाले महीनों में प्रचंड गर्मी पड़ने वाली है. ऐसी भीषण गर्मी में लोग खीरा, ककड़ी और कलिंदर जैसे फलों को बहुत पसंद करते हैं. यही वजह है कि इस मौसम में ककड़ी से लेकर कलिंदर तक की खासी डिमांड भी रहती है. ऐसे में अगर आप भी इन्हें उगाकर पैसा कमाना चाहते हैं, तो इन्हें आसानी से घर पर छोटी खेती में भी उगाया जा सकता है और जमकर पैसा भी कमाया जा सकता है. आइए जानते हैं कैस…

घर और खेत पर उगाएं खीरा-ककड़ी

कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर बीके प्रजापति बताते हैं, ” गर्मी के सीजन में ककड़ी की खेती का ये बहुत ही अच्छा समय है, ककड़ी की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है, और इसमें भी ध्यान रखना है कि आप जहां पर ककड़ी की फसल लगा रहे हैं, वहां जल निकासी की अच्छी व्यवस्था हो फिर इसके बाद बीज के लिए जो प्रचलित उन्नत किस्म है, उन्हीं की तलाश करें और उन्हीं को लेकर आएं. घर पर इसे बड़े गमलों या गार्डन की मिट्टी में ठीक उसी तरह लगा सकते हैं, जैसे खेत में लगाते हैं.

” खेत में लगा रहे हैं तो खेत की दो से तीन बार जुताई कर लें और मिट्टी को भुरभुरी बना लें, बुवाई के समय प्रति एकड़ लगभग 10 से 15 टन गोबर की खाद मिलाना बेहतर होगा. ककड़ी को लगाते समय लाइन से लाइन की दूरी डेढ़ से 2 मीटर तक की और पौधे से पौधे की दूरी 60 से 90 सेंटीमीटर तक की रखें. गर्मियों में ककड़ी को नमी की बहुत आवश्यकता होती है, मिट्टी के अनुसार हर 5 से 7 दिनों में सिंचाई करते रहें और फूल आते समय और फल आते समय खेत में नमी की कमी न होने दें. अगर ऐसा होता है तो फल कड़वे हो सकते हैं, गिर सकते हैं. ककड़ी की फसल एक ऐसी फसल होती है जो बहुत कम समय में बेहतर मुनाफा देती है और ज्यादा देखरेख की भी जरूरत नहीं पड़ती, इसे कोई भी लगा सकता है. इसलिए इसे घर पर भी गोबर खाद और मिट्टी में लगाया जा सकता है.”

गर्मी में कलिंदर की खेती

गर्मी के मौसम में ककड़ी की तरह कलिंदर की भी खासी डिमांड होती है. किसान रामसजीवन कहते हैं, ” अगर आप कलिंदर की खेती करना चाहते हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि जिस जगह पर लगा रहे हैं वहां पानी की निकासी अच्छी हो, पानी रुकना नहीं चाहिए. मिट्टी में जीवाश्म कार्बन प्रचुर मात्रा में होनी चाहिए और इसके अलावा भूमि का पीएच भी देख लें. इसे लगाने से पहले दो से तीन बार खेत की कल्टीवेटर से अच्छी तरह से जुताई करवा लें, जब आखिरी जुताई हो तो उससे पहले 10 से 15 टन गोबर की अच्छी क्वालिटी की खाद मिट्टी में मिलवा दें, और फिर से खेत की जुताई करवा दें, जिससे सभी प्रकार के पोषक तत्व मिट्टी में मिल जाएं.

किसान रामसजीवन आगे कहते हैं,  मिट्टी की जुताई के बाद अच्छी क्वालिटी के बीज लेकर आएं और दो रो के बीच में दो लाइनों के बीच में लगभग ढाई से 3 मीटर की दूरी बनाकर लगाएं. पौधे से पौधे की दूरी 1 मीटर की होनी चाहिए, यानी 75 सेंटीमीटर से लेकर के 1 मीटर के बीच होनी चाहिए, इसकी बुवाई दो तरह से कर सकते हैं एक पिट या गड्ढा बनाकर के और दूसरा रिच ट्रेंच बनाकर अच्छे तरीके से मिट्टी को बारीक करके पिट में तीन से चार बीज डाल दें. घर पर कलिंदर उगाने के लिए आप ककड़ी की तरह ही जगह का चुनाव कर सकते हैं, लेकिन आपके घर पर खुली जगह या आंगन नहीं है तो 50 से 75 लीटर के कंटेनर में इसे उगाया जा सकता है, जिसमें ड्रेनेज के लिए पर्याप्त छेद हों.

कलिंदर और खीरा दोनों ऐसी फसलें हैं जो गर्मी के मौसम में लागत से कई गुना मुनाफ देकर जाती हैं, वो भी बेहद कम समय में.

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