कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित,विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
नगरीय निकायों में किए जा रहे सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा व गुणवत्ता पूर्वक किये जाये
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नगरीय निकायों के माध्यम से शहरों/कस्बों मे मूलभूत शहरी बुनियादी सुविधाएं विकसित किये जाने के लिए जिले में संचालित अमृत 2.0 योजना अन्तर्गत जिला स्तरीय समीक्षा एवं निगरानी समिति की बैठक कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर, विधायक हाटपीपल्या श्री मनोज चौधरी, महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, विधायक प्रतिनिधि श्री दुर्गेश अग्रवाल, आयुक्त नगर निगम श्री दलीप कुमार, संयुक्त कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण देवास सुश्री स्मिता रावल, सोनकच्छ नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती श्रुति कृष्णपाल सिंह बघेल, हाटपीपल्या नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रकान्ता अरुण राठौर, लोहारदा नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री सुनील मालू एवं समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पदस्थ उपयंत्रीगण सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता पूर्वक किये जाये तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि लंबित प्रकरणों एवं अपूर्ण कायों का निराकरण सुनिश्चित करें एवं प्रगति की नियमित समीक्षा की जाये।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने नगरीय निकायों में किए जा रहे कचरा निष्पादन, वॉटर बॉडी रिजूवेशन अंतर्गत निकायों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए ट्रेचिंग ग्राउंड नदी-तालाब के पास नहीं होना चाहिए। कालोनियों से दूर हो, उससे भूमिगत जल प्रदूषित नहीं होना चाहिए। प्रतिदिन कचरा गाड़ी चलाए, जीपीएस लगाए। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता और सीवरेज को गंभीरता से लें, समय-समय पर पानी की जांच करें। जिले में कहीं से भी गंदे पानी की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
बैठक में अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों, जलापूर्ति, सीवरेज, जल संरक्षण, अमृत सरोवर, पेयजल की गुणवत्ता एवं शहरी आधारभूत सरंचना विकास से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा परियोजना की वर्तमान स्थिति, वित्तीय प्रगति एवं समय-सीमा से अवगत कराया गया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक सुझाव दिये तथा आमजन की अपेक्षाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।