जबलपुर: कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी कामकाज के परंपरागत रवैया को तोड़ते हुए एक नया प्रयोग किया है. अधिकारियों ने सोशल मीडिया के जरिए लाइव किसानों से जुड़कर उनकी समस्याओं का निदान करने का प्रयास किया. कृषि विभाग के अधिकारी जबलपुर में खाद वितरण के ई टोकन प्रणाली पर किसानों के जवाब देने के लिए बैठे थे. इस 1 घंटे के लाइव को 900 से ज्यादा किसानों ने देखा और 100 से ज्यादा किसानों ने अधिकारियों से सवाल जवाब किए. सरकारी अधिकारियों द्वारा जनता की समस्या सुनने का लाइव प्रयोग संभवत: पहली बार हुआ है.
कृषि विभाग जबलपुर ने किया नवाचार
सामान्य तौर पर सरकारी दफ्तरों का कामकाज एकद
भोपाल : कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में हुई बफबारी का असर मध्यप्रदेश के पूर्वी इलाकों सहित कई जिलों में दिखाई दे रहा है. कड़ाके की सर्दी और घना कोहरा रिकॉड तोड़ रहा है. मध्य प्रदेश के निवाड़ी, टीकगमढ़ छतरपुर, सतना, रीवा, सिंगरौली में जबरदस्त कोहरा छा रहा है. इन जिलों में कोहरे की वजह से जीरो विजीबिलिटी रिकॉर्ड की गई.
रेल व सड़क मार्ग पर आवाजाही प्रभावित
कोहरे का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ रहा है. कोहरे के कारण कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं. मौसम विभाग ने प्रदेश के दो दर्जन जिलों में घना कोहरा के अलावा शीतलहर की चेतावनी जारी है. हालांकि दो दिन बाद कोहरे और शीतलहर से प्रदेश को राहत मिलेगी, लेकिन कड़ाके की सर्दी जरूर लोगों को परेशान करेगी.
शहडोल में टूटा सर्दी का रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में प्रदेश में सबसे ज्यादा सर्दी रिकॉर्ड की गई है. शहडोल का कल्याणपुर का न्यूनतम तापमान पचमढ़ी से भी कम पहुंच गया. शनिवार रात शहडोल का तापमान 3.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा उमरिया में 4.7, पचमढ़ी में 4.8, छतरपुर के खजुराहो में 6 डिग्री और बालाघाट में 6.1 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया.
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरूण कुमार ने बताया “प्रदेश के निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सिंगरौली में घना कोहरा छा रहा है. रविवार को इन जिलों में जीरो विजीबिलिटी रिकॉर्ड की गई. इन जिलों में सुबह 10 बजे तक कोहरा छाया रहा. रीवा जिले में तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री तक कम रहा.”
दो दर्जन जिलों में छाएगा कोहरा, चलेगी शीत लहर
मौसम विभाग के मुताबिक “अगले 4 दिन तक प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश की संभावना नहीं है. लेकिन भिंड, ग्वालियर में घना कोहरा छाने और शीतलहर की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, पन्ना छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी में घना कोहरा छाने की चेतावनी दी गई है.”वहीं, अशोकनगर शिवुपरी, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर मैहर में मध्यम कोहरा और नरसिंहपुर, सिवनी में शीत लहर की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग के मुताबिक “23 दिसंबर से प्रदेश भर में शीतलहर से राहत मिल सकती है, लेकिन कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा.”
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
लगातार कोहरे और ठंडी की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सर्दी में अनावश्यक सफर से बचने और वाहन चलाते समय फॉग लैंप और लो बीम हेडलाइन का उपयोग करने की सलाह दी है. धीमी रफ्तार में वाहन चलाने और सुरक्षित दूरी बनाकर वाहन चलाने की सलाह दी है. इसके अलावा ठंड और शीतलहर से बचने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैरों को ढंककर रखने, मास्क, कैप पहनने की सलाह दी है.
डॉक्टर्स के मुताबिक सर्दी में बीमारी की आशंका बढ़ जाती है. यदि फ्लू, सर्दी, खासीं, बुखार हो तो डॉक्टर्स से जरूर संपर्क करें. पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त खाना जाए और विटामिन सी से भरपूर फल, सब्जियां खाएं. गर्म पेय पदार्थ का सेवन करें.
म परंपरागत तरीके से होता है. जैसे आपको किसी सरकारी कर्मचारी से मदद चाहिए तो पहले आवेदन देना होगा. जिसमें समस्या के बारे में उन्हें अवगत करना होगा. इसके अलावा बीते कुछ दिनों से सरकार ने लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए कॉल सेंटर शुरू किए हैं. जिनके बाकायदा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. इन नंबरों पर कॉल करके व्यक्ति अपनी समस्या संबंधित विभाग के अधिकारी से बता सकता है.
लेकिन इन सभी तरीकों में भी समय लगता था. इसलिए सरकार ने ऑनलाइन जनसुनवाई शुरू करने की नई पहल की शुरुआत की. इसके जरिए दूर दराज बैठा व्यक्ति भी सोशल मीडिया लाइव पर जुड़कर अपनी बात संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष रख सकता है. साथ ही उसे तत्काल समाधान मिलने का ज्यादा चांस होता है.
कृषि विभाग ने लाइव सुनी किसानों की परेशानी
शुक्रवार 19 दिसंबर को यह जबलपुर के कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा पहली बार किया गया. सरकारी व्यवस्था में आज तक नहीं हुआ था. कृषि विभाग के संयुक्त संचालक एसके निगम अपने एक साथी अधिकारी के साथ सोशल मीडिया पर लाइव आए और ई टोकन आधारित रासायनिक खाद वितरण प्रणाली के सवालों के जवाब दिए. वहीं किसानों ने भी बढ़-चढ़कर अपने सवाल रखे.
खाद की कमी का मुद्दा रहा छाया
ऑनलाइन जुड़े किसान पंडित दामोदर ने बताया, “एक बार में केवल 50 बोरी खाद दी जा रही है. इस लिमिट को बढ़ाया जाए क्योंकि जिन किसानों के पास ज्यादा रकबा है उन्हें ज्यादा खाद की जरूरत है.” रितेश पटेल नाम के किसान ने अपने सवाल में लिखा कि “जब आपने ई टोकन की व्यवस्था कर दी है, तो खाद की कमी क्यों हो रही है.”
सवालों से जवाब पाकर संतुष्ट हुए किसान
कृषि अधिकारी एस के निगम का कहना है, “यह प्रयोग बहुत ही सफल रहा. इसमें लोगों की समस्याओं का तुरंत निदान हो पाया. इन्हीं सवालों के जवाब के लिए किसानों को कृषि विभाग के दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे और छोटे अधिकारियों के पास इसकी जानकारी नहीं होती थी.” एस के निगम का कहना है कि “यह प्रयोग सफल रहा है और अब इसे 4 जनवरी को दोबारा दोहराया जाएगा और धान खरीदी से जुड़े हुए सवालों के जवाब देने के लिए अधिकारी एक साथ बैठेंगे.”