कड़ा मैसेज और No Certificate… अपनी इस टिप्पणी से कोर्ट ने मूवी बनाने वालों को चेता दिया दिल्ली/NCR By Shahzad Khan Last updated Sep 12, 2025 214 दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में अपने एक फैसले में कहा कि किसी भी ऐसी फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं किया जा सकता, जिसमें धर्म का मजाक उड़ाया गया हो, नफरत फैलाने वाली या सामाजिक सद्भाव को खतरा फैलाने वाले सीन हो. कोर्ट ने कहा खासकर एक ऐसे समाज में जो धर्मनिरपेक्ष हो, इस तरह की फिल्म दिखाने की परमिशन नहीं दी जा सकती. दरअसल, जस्टिस प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यह टिप्पणी फिल्ममेकर श्याम भारती की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म ‘मासूम कातिल’ के सर्टिफिकेट को लेकर बात की थी. Related Posts दिल्ली-नोएडा वालों की मौज! खत्म होने वाला है… IIT दिल्ली में फिर एक होनहार छात्र की मौत! कैंपस में पसरा… WhatsApp ग्रुप ज्वाइन करें फिल्म CBFC गाइडलाइन्स के खिलाफ कोर्ट ने फिल्म ‘मासूम कातिल’ वाली याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अगर किसी भी फिल्म में समुदाय के खिलाफ, धर्म या जाति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की जाती है, तो 1991 के फिल्म सर्टिफिकेशन गाइडलाइन्स के मुताबिक ऐसी फिल्म समाज में नहीं दिखाई जा सकती है. इस तरह की फिल्म दिखाने से CBFC ने रोक लगा दी है. मासूम कातिल फिल्म से नफरत फैलने की संभावना फिल्ममेकर श्याम भारती की फिल्म मासूम कातिल को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया. ऐसा माना जा रहा है कि यह फिल्म समाज में फैली शांति के लिए खतरा है. कोर्ट ने कहा कि इस फिल्म में न सिर्फ मनुष्यों और जानवरों को लेकर हिंसा दिखाई गई है बल्कि एक विशेष समुदाय को लेकर अपमानजनक जनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया है. कोर्ट ने कहा कि एक ऐसे धर्मनिरपेक्ष समाज में, इस तरह की फिल्मों को सार्वजनिक रूप से दिखाना सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा हो सकता है. जस्टिस अरोड़ा ने कहा कि यह एक चिंता का विषय है कि इस फिल्म में मेन रोल स्कूल जाने वाले बच्चे हैं, जिन्हें कसाइयों की हत्या करते हुए दिखाया जाता है. क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म के ट्रेलर देखने से पता चलता है कि इस फिल्म की कहानी जानवरों की हत्या के ऊपर आधारित है, जिसमें अनिरुद्ध नाम के एक लड़का जो शुद्ध शाकाहारी होता है, छोटी उम्र से ही जानवरों की हत्या को लेकर बुरी तरह प्रभावित होता है. बारहवीं क्लास तक पहुंचते-पहुंचते अनिरुद्ध एक ऐसा केमिकल बनाता है, जिससे कसाइयों को बहुत आसानी से मारा जा सकता है और किसी को पता भी नहीं चलता. बाद में अनिरुद्ध की मुलाकात वेदिका से होती है, जो कसाइयों से और भी ज्यादा नफरत करती है और उसे यकीन दिलाती है कि ऐसे अपराधियों को भी उसी तरह की सजा मिलनी चाहिए जैसी वे जानवरों को देते हैं. दोनों मिलकर कसाइयों को खत्म करने की योजना बनाते हैं. मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : यूट्यूब- https://youtube.com/channel/UCZF8JMVuSpQVJwceqhyQB4A फेसबुक- https://www.facebook.com/malwaabhitak/ ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें : https://play.google.com/store/apps/details?id=app.malwaabhitak.smcws 214 Share