शाजापुर। आगामी 5 सितम्बर 12 रबि उल अव्वल को इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद सल्लाहु अलैही व सल्लम की यौमे पैदाइश के पवित्र अवसर पर पंजीकृत संस्था सीरत कमेटी शाजापुर के सदर असलम अली शाह की सदारत में परम्परागत रूप एंव सद्भावना के साथ ईद ए मिलादुन्नबी पर्व मनाया जाएगा।
संस्थापक सदर श्री असलम अली शाह ने बताया कि आज संपन्न हुई शांति समिति की बैठक में प्रशासन को अवगत कराये गए कार्यक्रम अनुसार 5 सितम्बर को प्रातः 8:30 बजे बादशाही पुल स्थित शाही जामा में क़ुरआन ख़्वानि होगी। 9:30 बजे शाही जामा मस्जिद से जुलुस प्रारंभ होगा, जो बादशाही पुल, मीरकला बाज़ार, आज़ाद चौक, नई सड़क, बस स्टेण्ड, टेंशन चौराहा, मगरिया, सोमवारिया बाज़ार, छोटा चौक, किला रोड़, पिंजारवाड़ी, कसाईवाड़ा, होकर पुनः मीरकला बाज़ार से शाही जामा मस्जिद पर दोपहर 1:30 बजे संपन्न होगा। 6 सितम्बर को रात्रि 9:30 बजे से रात्रि 11 बजे तक छोटा चौक में सम्मानीय उलेमा हज़रत मोहम्मद सल्लाहु अलैही व सल्लम के जीवन पर तकरीर करेंगे। इसी प्रकार दूसरे दिन दिनांक 7 सितम्बर को रात्रि 9:30 बजे से 11:30 बजे छोटा चौक में सम्मानीय उलेमा हज़रत मोहम्मद सल्लाहु अलैही व सल्लम के जीवन पर तक़रीर करेंगे। तीसरे दिन 18 सितम्बर को छोटा चौक में रात्रि 9:30 बजे से 12 बजे तक नातिया मुशायरा का प्रोग्राम होगा। जिसमें प्रसिद्ध शायर हज़रत मोहम्मद सल्लाहु अलैही व सल्लम के जीवन पर आधारित कलाम पैश करेंगे।
इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हज़रत मोहम्मद सल्लाहु अलैही व सल्लम ने अपने जीवन काल में सदैव इंसानियत और भाईचारे का न केवल संदेश दिया, बल्कि उसके लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किये। उनके शांति के संदेश को आत्मसात करना हमारा धार्मिक कर्तव्य है। बैठक में हुए निर्णय अनुसार हज़रत मोहम्मद सल्लाहु अलैही व सल्लम की मुकद्दस यौमे पैदाइश के समस्त आयोजन पूरी तरह अनुशासित और नगर की गौरवमयी शांति, एकता व सर्व समाज के अपनत्व की भावना के साथ प्रशासन के तय नियमों, निर्देशों और समाज के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में संपन्न कराये जाएंगे।