छांगुर बाबा की कोठी पर चला बुलडोजर, जाति देखकर लगाता था लड़कियों का रेट… कराता था धर्मांतरण

पहले छांगुर बाबा की गिरफ्तारी और अब उसकी कोठी पर बुल्डोजर की कार्रवाई. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में छांगुर बाबा के नाम से मशहूर जलालुद्दीन की कोठी पर बुलडोजर चल गया है. अवैध रूप से धर्मांतरण करवाने का मास्टरमाइंड छांगुर की कोठी पर नोटिस चिपकाया गया था. नोटिस में 7 दिन का समय दिया गया था. छांगुर की ये कोठी बलरामपुर के उतरौला में थी. इस कोठी पर तहसीलदार ने नोटिस चिपकाया था.

नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि अवैध अतिक्रमण हटाए, अन्यथा कोठी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया जाएगा. अब इस कोठी पर बुलडोजर चला दिया गया है. यह कोठी ग्राम सभा की जमीन पर बनी थी. ये मधपुर की गाटा संख्या 337/370 की 0.0060 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी.

नोटिस में किसी और का नाम

नोटिस चिपकाने के लिए उतरौला तहसील के अधिकारी पुलिस के साथ मधपुर गांव में छांगुर की कोठी पर पहुंचे थे. प्रशासन के अनुसार, यह कोठी ग्राम सभा की जमीन पर है. ये मधपुर की गाटा संख्या 337/370 की 0.0060 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई है.

नोटिस में कहा गया है कि बेदखली का आदेश पारित हो चुका है. अगर 7 दिनों में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा. कोतवाली प्रभारी अवधेश राज सिंह ने बताया कि एटीएस और अन्य उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही है.

जाति देख लगाता था लड़कियों का रेट

यूपी एटीएस ने हाल ही में छांगुर बाबा और उनकी सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को बलरामपुर से गिरफ्तार किया है. इसी के साथ अवैध धर्मांतरण के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. आरोप है कि छांगुर गरीब और असहाय लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करता था. इसमें बड़ी संख्या में हिंदू लड़कियां शिकार होती थीं.

वो अलग-अलग जातियों की लड़कियों के लिए अलग-अलग रेट तय करता था. इसमें ब्राह्मण और क्षत्रिय लड़कियों के लिए 15-16 लाख रुपये तक की राशि दी जाती थी. इसके लिए उसे विदेशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिलने की बात भी सामने आई है.

मुंबई से बलरामपुर तक की साजिश

एटीएस के मुताबिक, छांगुर ने मुंबई के नवीन रोहरा और उनकी पत्नी नीतू को अपने जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया. उन्हें बलरामपुर लाया. नीतू को नसरीन और नवीन को जमालुद्दीन के नाम से जाना जाने लगा.

नवीन को पहले ही 8 अप्रैल को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में यह भी सामने आया कि छांगुर ने एक साल में विदेशी फंडिंग से करोड़ों की संपत्ति बनाई. इसमें शोरूम, बंगले और लग्जरी गाड़ियां शामिल हैं.

कोर्ट के क्लर्क की पत्नी पार्टनर

छांगुर का कनेक्शन उतरौला के एक न्यायालय क्लर्क राजेश उपाध्याय से भी उजागर हुआ है. जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर छांगुर और अहमद नाम के व्यक्ति के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी. इस दौरान छांगुर की मुलाकात लिपिक राजेश से हुई. राजेश ही उसके मुकदमों में पैरवी करता था.

इसके बाद पुणे में 16 करोड़ रुपये की जमीन खरीद के एग्रीमेंट में राजेश की पत्नी संगीता को हिस्सेदार बनाया. इसमें मुनाफे का हिस्सा देने की बात थी. हालांकि, राजेश ने इससे इनकार किया है. इसके बावजूद एटीएस ने उन्हें और उनकी पत्नी को इस मामले में आरोपी बनाया है. एटीएस जल्द पूछताछ करेगी.

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