उत्तरकाशी में फंसे 9 ट्रैकर्स की मौत, 36 घंटे… और जांबाजों ने बचा लीं 13 जिंदगियां, ऐसे पूरा हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

उत्त्तरकाशी के सहस्त्र ताल ट्रैक रूट पर चल रहे 22 सदस्यों दल का रेस्क्यू अभियान आज यानि गुरुवार को पूरा हो गया है. खराब मौसम में कुफरी टॉप पर फंसे 13 ट्रैकर्स का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. जबकि, 9 शव बरामद किए गए हैं. कर्नाटक ट्रेकिंग एसोसिएशन का 22 सदस्यीय ट्रैकिंग दल उत्तरकाशी के सिल्ला गांव से 29 मई को सहस्त्रताल के लिए रवाना हुआ था. 4 जून को तेज तूफान और बारिश के चलते दल रास्ता भटक गया.

ट्रैकिंग दल के एक सदस्य ने मंगलवार की शाम को यह जानकारी जिला आपदा प्रबंधन उत्तरकाशी तक पहुंचाई, जिसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया. इस ट्रैकिंग दल ने पर्यटन और वन विभाग से 29 मई से 7 जून तक की अनुमति ली थी. ट्रैकर्स के कुफरी टॉप में फंसने की सूचना मिलते ही मंगलवार देर शाम से रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया, जो कि आज पूरा हो गया है. यह रेस्क्यू ऑपरेशन 36 घंटे तक चला. राज्य पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और वायुसेना की मदद से यह रेस्क्यू पूरा किया गया. सभी ट्रैकर्स को एरलिफ्ट करके सुरक्षित जगह पहुंचाया गया.

सीएम धामी लेते रहे पूरा अपडेट

रेस्क्यू के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार जिला प्रसाशन से अपडेट लेते रहे. 22 में से 13 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया था. जबकि, 9 शवों को भी बरामद कर लिया गया है. शवों को पंचनामा के लिए अस्पताल भिजवाया गया है. मौजूदा वक्त में घटनास्थल पर मौसम साफ है. नटीण हेलीपैड पर रेस्क्यू के लिए जरूरी वाहन और स्टाफ तैनात किए गए हैं. मातली हेलीपैड में एक एंबुलेंस तैनात की गई है. SDRF के जवान मातली हेलीपैड पर तैनात हैं. पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं.

ट्रैकर ने बताया कैसे फंसे सभी लोग

अस्पताल में भर्ती एक ट्रैकर ने बताया कि घटना वाले दिन उनका ग्रुप वापस लौट रहा था. जिस जगह पर वो फंसे थे, वहां बर्फबारी हो रही थी और अचानक 90 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे पूरा ग्रुप वहां फंस गया.

जितना सुंदर ट्रैक, उतना ही कठिन भी

सहस्त्र ताल ट्रैक उत्तराखंड के गढ़वाल इलाके में स्थित एक लोकप्रिय ट्रैक है. यहां की सुंदरता देखने लायक है. इन दिनों ट्रैकर्स और सैलानी ट्रैक का भ्रमण करने आते रहते हैं. करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सहस्त्र ताल ट्रैक की शुरुआत ऋषिकेश से होती है. ऋषिकेश से कमद गांव की दूरी लगभग 130 किलोमीटर है. उत्तरकाशी से ‘कुछ कल्याण बेस’ से सहस्त्र ताल ट्रैक की चढ़ाई शुरू होती है. सहस्त्र ताल तक पहुंचने के लिए कुल ट्रैक की लंबाई लगभग 30-35 किलोमीटर है, जो अलग-अलग रास्तों पर निर्भर करती है. ट्रैक को पूरा करने में आमतौर पर 7-8 दिन लगते हैं. इस ट्रैक में कई सुंदर ताल शामिल हैं. यह ट्रैक हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों, हरे-भरे घास के मैदानों और घने जंगलों के बीच से होकर गुजरता है. लेकिन जितना सुंदर यह ट्रैक है, उतना ही कठिन इसका सफर भी है. यहां ट्रैकिंग के लिए शरीर का फिट होना बेहद जरूरी है. ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी भी कभी कबार महसूस की जाती है.

मालवा अभीतक की ताजा खबर सीधे पाने के लिए : 
ताज़ा ख़बर पाने के लिए एंड्राइड एप्लीकेशन इनस्टॉल करें :

भोपाल में होटल संचालकों को बड़ी राहत! LPG वितरण पर नई SOP जारी; अब इस शर्त पर जला सकेंगे लकड़ी और कोयला, देखें पूरी गाइडलाइन     |     गुना में ‘लव मैरिज’ का लहूलुहान अंत! 6 महीने पहले घर से भागे थे प्रेमी, अब बंद कमरे में मिली लाशें; पड़ोसियों के खुलासे से पुलिस के उड़े होश     |     Crime News: पिता की शराब छुड़ाने की कोशिश में बेटे ने गंवाई जान, पिता के ताने से आहत होकर किया सुसाइड; जानें क्या है पूरा मामला     |     Crime News: ननद और पति के अवैध संबंधों का पत्नी ने किया विरोध, तो मिला ये खौफनाक सिला; विवाहिता ने पुलिस के सामने खोले बेडरूम के राज     |     Groom Arrested from Mandap: शादी के मंडप से दूल्हा गिरफ्तार, दुल्हन ने थाने में लगाई शादी की गुहार; जानें क्या था दूल्हे का काला कारनामा     |     “बेटा नहीं हुआ तो पति ने छोड़ा, मां ने 4 बेटियों संग कुएं में लगाई छलांग”—समाज के ताने और अकेलेपन ने ली 5 जान, रूह कांप जाएगी!     |     जबलपुर में कलयुगी बेटे की हैवानियत! पहले तसले से सिर फोड़ा, फिर हंसिए से मां को उतारा मौत के घाट; वारदात देख कांप गई रूह     |     Crime News: सेहरी के बाद युवक ने किया सुसाइड, नमाज से पहले कमरे में लगा ली फांसी; सुसाइड नोट में हुआ बड़ा खुलासा, पुलिस जांच में जुटी     |     मध्य प्रदेश में ‘आयुष्मान’ घोटाले पर बड़ी स्ट्राइक! धोखाधड़ी करने वाले 2 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द; मरीजों के नाम पर डकार रहे थे करोड़ों     |     बड़ी खबर: ईरान में ‘जख्मी’ खामेनेई ने संभाली कमान, 1981 के उस हमले की यादें हुई ताजा; इजरायल-अमेरिका के खिलाफ जंग का नया ऐलान!     |