अयोध्या (Ayodhya) में बन रहे भव्य और दिव्य राम मंदिर (Ram Mandir) में भगवान श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा (Ramlala Pran Pratishtha) योग का शुभ मुहूर्त, पौष शुक्ल कूर्म द्वादशी, विक्रम संवत 2080, यानी सोमवार, 22 जनवरी, 2024 को आ रहा है। इस कार्यक्रम के बाद भगवान अपने गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। मंदिर में स्थापित करने वाली रामलला की मूर्ति को भी चुन लिया गया है।18 जनवरी को इसे श्री रामजन्मभूमि तीर्थ पर गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। 20 और 21 जनवरी को बंद रहेगा मंदिर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, 22 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा। मंदिर 20 और 21 जनवरी को बंद रहेगा और लोग 23 जनवरी से फिर से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की जानकारी देते हुए राय ने बताया, “ कार्यक्रम से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्राण प्रतिष्ठा दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर प्रारंभ होगी। 16 से 21 जनवरी तक चलेगी पूजन विधि बता दें कि सभी शास्त्रीय परंपराओं  का पालन करते हुए, प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में संपन्न किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के पूर्व शुभ संस्कारों का प्रारंभ कल अर्थात 16 जनवरी 2024 से होगा, जो 21 जनवरी, 2024 तक चलेगा। चंपत राय ने बताया कि, पूजन विधि 16 जनवरी से शुरू होकर 21 जनवरी तक चलेगी। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के लिए न्यूनतम आवश्यक गतिविधियां आयोजित होंगी।” उन्होंने कहा कि राम लला की मौजूदा मूर्ति जो 1950 से वहां है, को भी नए मंदिर के गर्भगृह में रखा जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर गर्भ गृह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सभी न्यायी उपस्थित रहेंगे।

नैनीतालः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरायणी के अवसर पर रविवार को कुमाऊं के प्रसिद्ध कैंची धाम से सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ किया और कैंची धाम और घोड़ाखाल के गोल्ज्यू मंदिर में स्वच्छता अभियान भी चलाया।

कैंची धाम पहुंचे धामी ने 14 से 22 जनवरी तक प्रदेश भर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों में होने वाले सांस्कृतिक उत्सव का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में 22 जनवरी का दिन ऐतिहासिक होगा। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस दिन करोड़ों हिन्दुओं और सनातनियों के आस्था के प्रतीक रामलला अयोध्या में विराजमान होंगे। लंबे समय से इस पल का इंतजार था। उन्होंने कहा कि इस उपलक्ष्य में राज्य के सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों में सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी स्वच्छता मुहिम में जुड़ने का आह्वान किया।

वहीं मुख्यमंत्री ने कैंची धाम नीब करौरी महाराज के आश्रम में राम शिला की साफ-सफाई की। मंदिर परिसर में झाड़ू बुहारा और स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने मंदिर के दर्शन किये तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। सीएम ने इस मौके पर कहा कि कैंची धाम का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इस धाम की मान्यता वैश्विक पटल पर पहुंच गई है। इसलिए राज्य सरकार आने वाले पांच दशकों के हिसाब से कैंची धाम के विकास की योजना तैयार कर रही है।

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